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धमतरी में हरियाली का सफाया! नियमों को ताक पर रख काटे गए सैकड़ों पेड़; मिलीभगत के आरोप

Dhamtari illegal tree cutting: धमतरी कन्हारपुरी-कोसमर्रा मार्ग पर नियमों को ताक में रख सैकड़ों पेड़ काटे गए हैं. ठेकेदार-लकड़ी माफिया पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं.

By: Preeti Rajput | Published: April 21, 2026 10:39:48 AM IST



Dhamtari illegal tree cutting: धमतरी में एक ओर सरकार और जनप्रतिनिधि ‘पेड़ लगाओ-पर्यावरण बचाओ’ का संदेश दे रहे हैं, वहीं कुरूद क्षेत्र में विकास कार्यों की आड़ में हरियाली पर लगातार वार हो रहा है. कन्हारपुरी से बगदेही होते हुए कोसमर्रा मोड़ तक निर्माणाधीन सड़क के लिए सैकड़ों हरे-भरे और कीमती पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया है. चौंकाने वाली बात यह है कि वन विभाग की अनुमति मिलने से पहले ही पेड़ों की कटाई कर दी गई.
 
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) उपसंभाग कुरूद के तहत करीब 35 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य जारी है. प्रस्तावित 10 मीटर चौड़ी सड़क की जद में कौहा, सिरसा और अर्जुन जैसे बड़े और उपयोगी वृक्ष आ रहे थे. नियमानुसार, पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग से अनुमति और क्षतिपूर्ति राशि जमा करना अनिवार्य है, लेकिन इस प्रक्रिया को दरकिनार कर कटाई कर दी गई.

लकड़ी माफियाओं की चांदी, राजस्व को चपत

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कटाई के पीछे लकड़ी माफियाओं का संगठित नेटवर्क सक्रिय है. कटे हुए पेड़ों को आरा मिलों में खपाकर लाखों रुपये का मुनाफा कमाया जा रहा है. बगदेही से कन्हारपुरी और भूसरेंगा-राखी मार्ग पर जगह-जगह दिखाई दे रहे ठूंठ इस पूरे मामले की गवाही दे रहे हैं. इससे शासन को भी भारी राजस्व हानि होने की बात सामने आ रही है.

मिलीभगत के आरोप, जिम्मेदार खामोश

पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों, ठेकेदार और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कटाई बिना संरक्षण के संभव नहीं है. हालांकि जब मामला उजागर हुआ तो जिम्मेदार विभागों ने अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया.

कटाई किसने कराई, इसकी जानकारी नहीं: एसडीओ

वहीं इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ श्री शुक्ला ने कहा कि पेड़ों की कटाई के लिए अभी अनुमति प्राप्त नहीं हुई है और यह कटाई किसने कराई, इसकी जानकारी नहीं है. इधर, क्षेत्र के ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन नियमों और पर्यावरण की कीमत पर नहीं.
 
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