Home > छत्तीसगढ़ > Dhamtari warehouse project: धमतरी बना देशभर में मिसाल, 4 आधुनिक गोदामों से बदलेगी कृषि भंडारण की तस्वीर

Dhamtari warehouse project: धमतरी बना देशभर में मिसाल, 4 आधुनिक गोदामों से बदलेगी कृषि भंडारण की तस्वीर

Dhamtari warehouse project: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अनाज भंडारण योजना के तहत चार सहकारी समितियों को गोदाम निर्माण के लिए हायरिंग एश्योरेंस लेटर जारी किए गए हैं, जिससे कृषि और भंडारण व्यवस्था मजबूत होगी.

By: Preeti Rajput | Published: May 7, 2026 12:17:25 PM IST



Dhamtari warehouse project: छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान रच रहा है. भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ के क्रियान्वयन में धमतरी ने न केवल प्रदेश, बल्कि देश के सामने एक मिसाल पेश की है. जिले की चार बड़ी सहकारी समितियों (PACS) को गोदाम निर्माण के लिए ‘हायरिंग एश्योरेंस लेटर’ जारी कर दिए गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर भंडारण की तस्वीर बदल देंगे.

प्रमुख बिंदु: एक नजर में-

  • गोदाम क्षमता: 4 पैक्स (अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह और कोलियारी) में प्रत्येक की क्षमता 2500 मीट्रिक टन होगी.
  • चने की बंपर खरीदी: लक्ष्य 1 लाख क्विंटल था, जिसमें से 97 हजार क्विंटल की खरीदी पूरी हो चुकी है.
  • प्रदेश में दबदबा: पूरे छत्तीसगढ़ में खरीदे गए कुल चने का लगभग 50% हिस्सा अकेले धमतरी जिले से है.

प्रशासनिक मुस्तैदी और भविष्य की तैयारी:

NCCF रायपुर और जिला प्रशासन के बीच समन्वय का परिणाम है कि योजना से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं (MOUs और एग्रीमेंट) युद्ध स्तर पर पूर्ण कर ली गई हैं. जमीनी स्तर की शंकाओं के समाधान के लिए जल्द ही NCCF मुख्यालय, नई दिल्ली के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया जाएगा.

“धमतरी ने चना खरीदी और भंडारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. यह उपलब्धि किसानों की सक्रिय भागीदारी और वैज्ञानिक भंडारण की दिशा में हमारे बढ़ते कदमों का प्रमाण है.” अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर, धमतरी

क्या है यह योजना?

31 मई 2023 को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य PACS (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों) को सशक्त बनाना है.

इसके माध्यम से:

  • गांव स्तर पर आधुनिक गोदामों का निर्माण.
  • प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना.
  • खाद्यान्न की बर्बादी रोकना और किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाना.

धमतरी की दक्षता: अन्य जिलों के लिए प्रेरणा

लक्ष्य के करीब पहुंचने के बाद भी जिले में खरीदी प्रक्रिया थमी नहीं है. प्रशासनिक दक्षता का आलम यह है कि धमतरी अब राज्य के अन्य जिलों के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बनकर उभर रहा है. भंडारण की इस वैज्ञानिक व्यवस्था से न केवल अनाज सुरक्षित रहेगा, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता कम होने से किसानों की आय में भी ठोस वृद्धि होगी.

Disclaimer : The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

Advertisement