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UPSC Success Story: सेना में अफसर बनने का सपना, लेकिन जिंदगी ने बदली राह, बनाई ऐसी स्ट्रेटजी बन गए IAS Officer

UPSC IAS Success Story: त्रिलोक सिंह का सपना सेना में अफसर बनने का था, लेकिन NDA में एडमिशन नहीं मिल सका. गलतियों से सीखकर उन्होंने UPSC CSE में AIR 20 हासिल की और गुजरात कैडर चुना.

By: Munna Verma | Published: August 30, 2026 3:50:59 PM IST



UPSC Success Story: हर सफलता की कहानी सीधी राह से होकर नहीं गुजरती. त्रिलोक सिंह (Trilok Singh) की कहानी भी असफलताओं, आत्ममंथन और लगातार सुधार की मिसाल है. दिल्ली में जन्मे त्रिलोक के पिता आर्मी इन्फैंट्री में सूबेदार थे. बचपन से ही उनका लक्ष्य सेना में अधिकारी बनना था.

जोधपुर के Army Public School में पढ़ाई के दौरान उन्होंने NDA में जाने का सपना देखा. पांच बार SSB प्रक्रिया का हिस्सा बनने के बाद उनका NDA के लिए चयन भी हुआ, लेकिन तकनीकी कारणों से उन्हें एडमिशन नहीं मिल पाया. यही मोड़ आगे चलकर उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ.

Mathematics से B.Sc, फिर UPSC की तैयारी

त्रिलोक को Mathematics में खास दिलचस्पी थी. इसलिए उन्होंने दिल्ली के Kirori Mal College में Mathematics से B.Sc. में दाखिला लिया. कॉलेज शुरू होने के कुछ समय बाद कोरोना महामारी के कारण पढ़ाई का माहौल बदल गया और उन्होंने घर से ही तैयारी शुरू कर दी. इसी दौरान Rajasthan Public Service Commission की परीक्षा का विज्ञापन देखकर उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू कर दी. हालांकि व्यवस्थित कोचिंग या ट्रेनिंग के अभाव में शुरुआती प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे.

दो असफलताओं ने सिखाई तैयारी की सबसे बड़ी सीख

UPSC के शुरुआती प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली. एक प्रयास में Prelims में असफलता मिली, जबकि दूसरे में Mains तक पहुंचकर रुकना पड़ा. बाद में उन्होंने अपनी रणनीति की सबसे बड़ी गलती पहचानी और Revision से पहले Notes बनाने में जरूरत से ज्यादा समय देना और Answer Writing देर से शुरू करना. इसके बाद उन्होंने बुनियादी विषयों को मजबूत किया और पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदला. Optional Subject के तौर पर पॉलिटिकल साइंस चुना और General Studies Paper-IV यानी Ethics पर विशेष ध्यान दिया.

1200 से ज्यादा सवालों की Answer Writing Practice

Mains की तैयारी में Answer Writing को उन्होंने अपनी रणनीति का केंद्र बनाया. करीब 40 दिनों तक रोजाना General Studies के 10 सवाल लिखे और दोस्तों के साथ पॉलिटिकल साइंस के पांच सवालों की नियमित प्रैक्टिस की. इस दौरान उन्होंने लगभग 1,200 उत्तर लिखे. इस अभ्यास से न सिर्फ जवाबों की संरचना बेहतर हुई, बल्कि समय प्रबंधन भी मजबूत हुआ. आसान सवालों को जल्दी पूरा करने की क्षमता विकसित होने से कठिन प्रश्नों के लिए अतिरिक्त समय बचने लगा.

SSB की तैयारी बनी UPSC में आत्मविश्वास की ताकत

NDA और SSB की तैयारी से मिले अनुभवों ने भी उन्हें UPSC में मदद की. SSB के दौरान विकसित मनोवैज्ञानिक समझ, समूह में काम करने की आदत और दबाव में शांत रहने की क्षमता उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गई. Prelims में Science & Technology को उन्होंने अपना कमजोर क्षेत्र माना और उस पर काम किया. वहीं Mathematics में रुचि होने के कारण CSAT उनके लिए अपेक्षाकृत आसान रहा.

पर्सनालिटी टेस्ट में औसत अंक, फिर भी हासिल की AIR 20

त्रिलोक ने अपने सैन्य बैकग्राउंड और नेशनल लेवल एयर पिस्टल शूटिंग अनुभव से जुड़े संभावित सवालों की तैयारी के लिए 8-10 Mock Interviews दिए. हालांकि पर्सनालिटी टेस्ट में उनके अंक औसत रहे, लेकिन Mains में मजबूत प्रदर्शन ने उन्हें UPSC CSE 2025 में All India Rank 20 तक पहुंचाया.

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अब उन्हें Gujarat Cadre मिलने की उम्मीद 

उनकी सलाह सीधी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण है कि असफलता के बाद खुद पर भरोसा न खोएं, अपनी गलतियों को पहचानें और पढ़ाई के साथ दूसरे कौशल व रुचियों को भी विकसित करें. त्रिलोक की यात्रा यही बताती है कि मंजिल से ज्यादा महत्वपूर्ण यह जानना है कि रास्ते में कहां सुधार करना है.

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