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UPSC IAS Story: B.Com के बाद CA, फिर सिविल सर्विसेज का सपना, पिता की सलाह ने बदली दिशा, UPSC में हासिल की रैंक 2

UPSC CSE में हर्षिता गोयल ने दूसरी रैंक हासिल की. उनकी B.Com और CA से लेकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी तक की प्रेरणादायक कहानी के बारे में यहां पढ़ सकते हैं.

By: Munna Verma | Published: October 3, 2026 1:06:31 PM IST



UPSC IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 22 अप्रैल को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 का अंतिम परिणाम जारी किया. इस परीक्षा में शक्ति दुबे ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि हर्षिता गोयल ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 प्राप्त कर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम हासिल किया. इस साल कुल 1,009 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया.

चयनित उम्मीदवारों में 335 सामान्य वर्ग, 109 EWS, 160 SC और 87 ST वर्ग से रहे. परिणाम सामने आने के बाद हर्षिता गोयल की सफलता की कहानी खास तौर पर चर्चा में रही.

B.Com से CA और फिर UPSC तक का सफर

हर्षिता गोयल ने वडोदरा स्थित महाराजा शिवाजी राव यूनिवर्सिटी से B.Com की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की कठिन परीक्षा पास की. CA बनने के बाद उन्होंने अपने करियर को एक नया मोड़ देते हुए सिविल सेवाओं में जाने का निर्णय लिया. उनके इस फैसले के पीछे परिवार का समर्थन भी महत्वपूर्ण रहा. उनके पिता ने UPSC की तैयारी के दौरान उन्हें प्रोत्साहित किया. CA के बाद एक नए लक्ष्य को चुनना और उसके लिए पूरी तरह समर्पित होकर तैयारी करना उनके सफर की खास बात रही.

घंटों से ज्यादा जरूरी है पढ़ाई में निरंतरता

हर्षिता की तैयारी से जुड़ी सबसे अहम सीख consistency यानी निरंतरता है. उनका मानना है कि UPSC जैसी परीक्षा में केवल लंबे समय तक पढ़ना पर्याप्त नहीं है. रोजाना एक निश्चित समय पर पढ़ाई करना और बनाए गए शेड्यूल का पालन करना तैयारी को बेहतर दिशा देता है. उनके अनुसार, उम्मीदवारों को अपनी पढ़ाई की तुलना दूसरों से करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना चाहिए. क्या बेहतर हुआ और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, इसका ईमानदारी से आकलन करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है.

फोकस न बने तो ब्रेक लेना भी जरूरी

तैयारी के दौरान हर दिन समान ऊर्जा के साथ पढ़ पाना आसान नहीं होता. हर्षिता का दृष्टिकोण है कि जब ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर केंद्रित न हो, तो खुद पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय छोटा ब्रेक लेना बेहतर है. इसके बाद नए सिरे से पढ़ाई शुरू करने से एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

सोशल मीडिया का इस्तेमाल, लेकिन सीमित दायरे में

UPSC की तैयारी के दौरान हर्षिता ने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई. उन्होंने इसका इस्तेमाल किया, लेकिन इसे मुख्य रूप से काम और उपयोगी गतिविधियों तक सीमित रखा. यह तरीका बताता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से पूरी तरह दूर होने के बजाय उसका नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल भी किया जा सकता है.

हर्षिता गोयल की कहानी सिर्फ UPSC CSE 2024 में हासिल की गई दूसरी रैंक की कहानी नहीं है. यह एक ऐसे उम्मीदवार की यात्रा है जिसने CA जैसी चुनौतीपूर्ण पेशेवर योग्यता हासिल करने के बाद नया लक्ष्य चुना और नियमित मेहनत, अनुशासन और आत्म-मूल्यांकन के जरिए उसे पाने की दिशा में कदम बढ़ाया.

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