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IAS Success Story: हाई सैलरी नौकरी छोड़ी, बिना कोचिंग दूसरे प्रयास में बनीं IAS, अब संभाल रहीं ये पद

UPSC की कठिन राह पर कई उम्मीदवार चलते हैं, लेकिन मंजिल वही पाते हैं जो हार नहीं मानते. IAS आशिमा गोयल ने पहली असफलता के बाद बिना कोचिंग तैयारी की और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की.

By: Munna Verma | Published: August 6, 2026 1:01:53 PM IST



IAS Ashima Goyal Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जो धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत के साथ अपने लक्ष्य पर डटे रहते हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS अधिकारी आशिमा गोयल की, जिन्होंने पहली असफलता से सीख लेकर बिना कोचिंग के UPSC की तैयारी की और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की.

हरियाणा के बल्लभगढ़ की रहने वाली आशिमा गोयल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान हमेशा अच्छे अंक हासिल किए. उनके पिता साइबर कैफे चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिसका सकारात्मक असर आशिमा के करियर पर भी पड़ा. उनकी बड़ी बहन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं.

IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग, फिर UPSC का सपना

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद आशिमा ने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और इसके बाद एमटेक की पढ़ाई की. एमटेक के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना है. पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित कंपनी में आकर्षक वेतन वाली नौकरी मिली. नौकरी के साथ उन्होंने UPSC की तैयारी भी जारी रखी, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि इस परीक्षा के लिए पूरा समय देना जरूरी है. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

पहली असफलता से मिली नई सीख

आशिमा ने वर्ष 2018 में पहली बार UPSC परीक्षा दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. इस असफलता ने उन्हें निराश करने के बजाय अपनी कमियों को पहचानने का मौका दिया. उन्होंने अपने कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान दिया और पढ़ाई की रणनीति में बदलाव किया. बिना किसी कोचिंग संस्थान का सहारा लिए उन्होंने नियमित और योजनाबद्ध तरीके से तैयारी जारी रखी. उनकी यही मेहनत दूसरे प्रयास में रंग लाई.

दूसरे प्रयास में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक

साल 2019 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में आशिमा गोयल ने ऑल इंडिया रैंक 65 हासिल की और IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया. तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन लगभग 9 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहीं.

शादी के बाद बदला कैडर

IAS बनने के बाद उनकी शुरुआती नियुक्ति केरल कैडर में हुई। वर्ष 2022 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी राहुल मिश्रा से विवाह के बाद उन्होंने इंटर-कैडर ट्रांसफर लिया और वर्तमान में उत्तराखंड कैडर में अपनी सेवाएं दे रही हैं. अभी फिलहाल वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं.

युवाओं के लिए प्रेरणा

आशिमा गोयल की सफलता यह साबित करती है कि असफलता किसी भी मंजिल का अंत नहीं होती. सही रणनीति, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के दम पर कोई भी उम्मीदवार अपने सपनों को साकार कर सकता है. उनकी यात्रा आज लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

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