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IIT Delhi से BTech, किसान के बेटे ने 21 साल की उम्र में पहले प्रयास में पास की UPSC, बने सबसे युवा जिला कलेक्टर

IAS Abhishek Meena Success Story: राजस्थान के किसान परिवार से आने वाले अभिषेक मीणा ने महज 21 साल की उम्र में पहले प्रयास में UPSC पास कर IAS बनने का सपना पूरा किया.

By: Munna Verma | Published: August 7, 2026 1:04:55 PM IST



IAS Abhishek Meena Success Story: कहते हैं कि मेहनत, लगन और सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता. इसका सबसे प्रेरणादायक उदाहरण हैं राजस्थान के रहने वाले IAS अधिकारी अभिषेक मीणा, जिन्होंने किसान परिवार से निकलकर महज 21 साल की उम्र में UPSC परीक्षा के पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की. आज वह हरियाणा कैडर के सबसे युवा जिला कलेक्टर (DC) के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.

राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले अभिषेक मीणा का बचपन एक साधारण किसान परिवार में बीता. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और शुरू से ही कुछ बड़ा करने का सपना देखा. परिवार ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया, जिसका परिणाम आज पूरे देश के सामने है. उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों के सामने आर्थिक परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं.

IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग, फिर UPSC की तैयारी

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक मीणा ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी की बजाय सिविल सेवा में जाने का फैसला किया. उन्होंने बिना समय गंवाए UPSC की तैयारी शुरू की और पूरी लगन के साथ पढ़ाई की. उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2016 की UPSC परीक्षा में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 114 हासिल कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लिया.

पहले प्रयास में UPSC पास कर बने युवाओं के लिए मिसाल

UPSC को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है. ऐसे में पहले ही प्रयास में शानदार रैंक हासिल करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है. अभिषेक मीणा की कहानी उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं. उनका मानना है कि सही रणनीति, अनुशासन और निरंतर मेहनत सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.

हरियाणा कैडर में संभाली अहम जिम्मेदारियां

2016 बैच के IAS अधिकारी बनने के बाद अभिषेक मीणा को हरियाणा कैडर आवंटित किया गया. अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत में उन्होंने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. इन पदों पर उनकी कार्यशैली, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक दक्षता की काफी सराहना हुई. बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें आगे चलकर जिला कलेक्टर (DC) की जिम्मेदारी सौंपी गई.

सबसे युवा जिला कलेक्टर बनने का गौरव

कम उम्र में जिला कलेक्टर का पद संभालना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. अभिषेक मीणा ने यह मुकाम हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि राजस्थान और देश का नाम भी रोशन किया. आज वे हरियाणा के सबसे युवा जिला कलेक्टरों में गिने जाते हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है.

IAS अभिषेक मीणा की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का शानदार उदाहरण है. किसान के बेटे से लेकर देश के सबसे युवा जिला कलेक्टरों में शामिल होने तक का उनका सफर हर उस युवा के लिए प्रेरणादायक है, जो अपने सपनों को मेहनत के दम पर साकार करना चाहता है. उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि सफलता के लिए सबसे जरूरी चीज परिस्थितियां नहीं, बल्कि मजबूत इरादे और निरंतर प्रयास होते हैं.

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