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UPSC Friendship Day Success Story: दोस्ती ने बदली तकदीर! Telegram ग्रुप से शुरू हुआ सफर, तीनों बने IAS, IPS, IRS

UPSC Friendship Day Success Story: फ्रेंडशिप डे 2026 पर तीन दोस्तों की यह UPSC सफलता कहानी बताती है कि सच्ची दोस्ती हर मुश्किल आसान कर सकती है.

By: Munna Verma | Published: August 2, 2026 12:00:00 PM IST



UPSC Friendship Day Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है. इस सफर में मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास जितने जरूरी हैं, उतना ही महत्वपूर्ण सही साथ भी होता है. Friendship Day 2026 के मौके पर यह कहानी तीन ऐसे दोस्तों की है, जिन्होंने साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती केवल खुशियां बांटने के लिए नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत भी बन सकती है.

ऑनलाइन स्टडी ग्रुप से शुरू हुई यह दोस्ती आखिरकार तीनों को देश की प्रतिष्ठित सेवाओं तक ले गई. 16 अप्रैल 2024 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणाम घोषित हुए और इस ग्रुप के तीन दोस्तों ने अलग-अलग सेवाओं में जगह बनाई. कोई IAS बना, कोई IPS और किसी ने IRS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया.

Telegram स्टडी ग्रुप से शुरू हुई सफलता की कहानी

UPSC की तैयारी को अक्सर अकेलेपन का सफर कहा जाता है, लेकिन सिद्धार्थ श्रीवास्तव, चंद्रप्रभा शर्मा और खुशहाली सोलंकी ने इसे दोस्ती की ताकत से आसान बना दिया. तीनों की मुलाकात Telegram पर बने छह सदस्यों के एक स्टडी ग्रुप में हुई. अलग-अलग शहरों में रहने के बावजूद उन्होंने हर रात 10 बजे ऑनलाइन जुड़ने का नियम बना लिया. पढ़ाई की समीक्षा, उत्तर लेखन पर चर्चा, मॉक इंटरव्यू, गलतियों का विश्लेषण और मुश्किल समय में एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया. यही डिजिटल साथ आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ.

सिद्धार्थ श्रीवास्तव: छह प्रयासों के बाद बने IPS

उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने IIT (BHU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मारुति सुजुकी की नौकरी छोड़ दी. शुरुआती चार प्रयास असफल रहे और बाद में वे नायब तहसीलदार बने, लेकिन उनका लक्ष्य IPS अधिकारी बनना था. पांचवें प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद चयन नहीं हुआ. आखिरकार छठे प्रयास में उन्होंने 118वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई. बचपन में अपने पिता से किया गया सपना उन्होंने इस सफलता के साथ पूरा कर दिखाया.

चंद्रप्रभा शर्मा: विदेश से लौटकर चुनी देश सेवा की राह

महाराष्ट्र की चंद्रप्रभा शर्मा ने अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में उच्च शिक्षा प्राप्त की और कई अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण परियोजनाओं पर काम किया. इसके बावजूद उन्होंने भारत लौटकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की. कई असफलताओं के बाद छठे प्रयास में उन्हें 289वीं रैंक मिली और वे भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयनित हुईं. पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके परिवार की जागरूकता भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही.

खुशहाली सोलंकी: IIT का सपना छोड़ा, बनीं IAS

राजस्थान के बीकानेर की खुशहाली सोलंकी ने NIT सूरत से पढ़ाई के दौरान IIT बॉम्बे में मास्टर्स का अवसर मिलने के बावजूद उसे छोड़ दिया. उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज की सेवा करना था. पहले दो प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. तीसरे प्रयास में 61वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुईं. उनका सपना हमेशा ऐसा अधिकारी बनने का रहा, जो आम लोगों का विश्वास जीत सके.

दोस्ती ने बना दिया मुश्किल सफर आसान

तीनों दोस्तों की सफलता यह साबित करती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल किताबें ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, सकारात्मक माहौल और भरोसेमंद साथी भी बड़ी भूमिका निभाते हैं. उनकी डिजिटल ग्रुप स्टडी ने न सिर्फ पढ़ाई को बेहतर बनाया, बल्कि असफलताओं के दौर में मानसिक मजबूती भी दी. Friendship Day 2026 पर सिद्धार्थ, चंद्रप्रभा और खुशहाली की कहानी लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है. यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि दोस्ती, भरोसे और सामूहिक मेहनत की जीत है.

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