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NIOS-DGT Certification: ITI छात्रों को मिलेगा 10वीं-12वीं के बराबर सर्टिफिकेट, कौन कर सकता है आवेदन, जानें डिटेल

NIOS और DGT ने ITI छात्रों के लिए Integrated Academic Equivalency Certification शुरू किया है. योग्यता, फायदे, आवेदन प्रक्रिया और कैसे मिलेगा 10वीं या 12वीं के बराबर प्रमाणपत्र इन सब के बारे में यहां पढ़ सकते हैं.

By: Munna Verma | Published: August 2, 2026 12:10:28 AM IST



NIOS-DGT Integrated Academic Equivalency Certification: कौशल आधारित शिक्षा को मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT) ने NIOS-DGT इंटीग्रेटेड एकेडमिक इक्विवेलेंसी सर्टिफिकेशन की शुरुआत की है. इस नई पहल के तहत अब योग्य ITI (Industrial Training Institute) के प्रशिक्षु और पास-आउट छात्र अपनी तकनीकी ट्रेनिंग जारी रखते हुए कक्षा 10वीं या 12वीं के समकक्ष प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर सकेंगे.

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस उद्देश्य को मजबूत करती है, जिसमें व्यावसायिक और अकादमिक शिक्षा के बीच की दूरी को कम करने पर जोर दिया गया है.

क्या है NIOS-DGT इंटीग्रेटेड एकेडमिक इक्विवेलेंसी सर्टिफिकेशन?

यह विशेष सर्टिफिकेशन Craftsman Training Scheme (CTS) के तहत पढ़ने वाले योग्य ITI छात्रों के लिए तैयार किया गया है. इसमें Transfer of Credit (ToC) प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत ITI में पढ़ाए गए ट्रेड विषयों को NIOS द्वारा मान्यता दी जाती है. इससे छात्रों को अलग से सभी अकादमिक विषय नहीं पढ़ने पड़ते और कम विषयों के साथ वे 10वीं या 12वीं के बराबर का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ CTS के तहत अध्ययन कर रहे योग्य ITI छात्र उठा सकते हैं. अतिरिक्त विषयों की संख्या ITI कोर्स की अवधि के अनुसार तय की गई है.

दो वर्षीय ITI (NTC) कोर्स
ITI ट्रेड विषयों का क्रेडिट मिलेगा.
केवल एक अतिरिक्त भाषा विषय पास करना होगा.
एक वर्षीय ITI (NTC) कोर्स
ट्रेड विषयों को क्रेडिट मिलेगा.
एक भाषा और एक अन्य अकादमिक विषय यानी कुल दो अतिरिक्त विषयों की पढ़ाई करनी होगी.

यह कार्यक्रम NIOS से मान्यता प्राप्त शैक्षणिक और कौशल विकास के लिए विशेष मान्यता प्राप्त संस्थान (SAIASD) के माध्यम से संचालित किया जाएगा.

ITI छात्रों को मिलेंगे कई बड़े फायदे

यह नई व्यवस्था छात्रों के लिए कई नए अवसर लेकर आई है.

ITI प्रशिक्षण के साथ-साथ 10वीं या 12वीं के समकक्ष प्रमाणपत्र.
अलग स्कूल में दाखिला लेने की आवश्यकता नहीं.
ट्रेड विषयों के लिए क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा.
उच्च शिक्षा जैसे डिप्लोमा और डिग्री कोर्स में प्रवेश का अवसर.
सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त होगी.
पूरे भारत में विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और निजी नियोक्ताओं द्वारा प्रमाणपत्र मान्य होगा.
NIOS के On-Demand Examination System का लाभ मिलेगा.

करियर और उच्च शिक्षा के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

अब तक कई ITI छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि तकनीकी प्रशिक्षण होने के बावजूद उनके पास 10वीं या 12वीं के समकक्ष प्रमाणपत्र नहीं होता था. इस वजह से वे कई सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित रह जाते थे. नई योजना इस समस्या का समाधान करती है। अब छात्र अपनी स्किल ट्रेनिंग जारी रखते हुए अकादमिक योग्यता भी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनके रोजगार और करियर के अवसर पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगे.

कैसे प्राप्त करें अधिक जानकारी?

जो छात्र इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे अपने नजदीकी ITI संस्थान या NIOS से मान्यता प्राप्त SAIASD स्टडी सेंटर से संपर्क कर सकते हैं. यहां उन्हें प्रवेश, पात्रता, विषय चयन और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.

NIOS-DGT इंटीग्रेटेड एकेडमिक इक्विवेलेंस सर्टिफिकेशन कौशल आधारित शिक्षा को नई पहचान देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है. इससे ITI छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ 10वीं या 12वीं के समकक्ष प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. यह न केवल उनकी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाएगा, बल्कि उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी के नए रास्ते भी खोलेगा. 

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