Home > जॉब > Army Success Story: NEET क्रैक कर AFMC से की MBBS, बनाई ऐसी स्ट्रैटजी, बन गईं भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

Army Success Story: NEET क्रैक कर AFMC से की MBBS, बनाई ऐसी स्ट्रैटजी, बन गईं भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

Lieutenant Bhanvi Shekhawat Success Story: राजस्थान की भानवी शेखावत ने NEET से AFMC तक का सफर तय कर MBBS पूरा किया और अब भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट बनकर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं.

By: Munna Verma | Last Updated: August 5, 2026 3:44:11 PM IST



Lieutenant Bhanvi Shekhawat Success Story: राजस्थान की बेटी लेफ्टिनेंट भानवी शेखावत ने अपने जुनून, मेहनत और अनुशासन के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना देश के हजारों युवा देखते हैं. आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर में कमीशन प्राप्त किया. डॉक्टर और सैन्य अधिकारी की दोहरी जिम्मेदारी निभाने जा रहीं भानवी आज उन छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो NEET और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखते हैं.

भानवी शेखावत का पैतृक गांव राजस्थान के झुंझुनू जिले की नवलगढ़ तहसील का जाखल गांव है, जबकि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से चूरू जिले के राजलदेसर में रह रहा है. उनके पिता दीपेंद्र सिंह शेखावत और माता रेणु राठौड़ दोनों सरकारी शिक्षक हैं. शिक्षा और अनुशासन वाले माहौल में पली-बढ़ीं भानवी को बचपन से ही पढ़ाई के साथ देश सेवा की प्रेरणा मिली. उनके दादा कृष्णवर्धन सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके थे, जिसने उनके भीतर वर्दी पहनने का सपना और मजबूत किया.

स्कूल से NEET तक की मेहनत

भानवी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजलदेसर के आदर्श विद्या मंदिर से पूरी की और आगे की पढ़ाई भारतीय इंटरनेशनल स्कूल से की. मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य तय करने के बाद उन्होंने सीकर के गुरु कृपा कोचिंग संस्थान से NEET की तैयारी की. उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2021 में उन्होंने NEET परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की. इसके बाद चयन प्रक्रिया के आधार पर वर्ष 2022 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे में प्रवेश मिला.

AFMC में मिली डॉक्टर और सैनिक बनने की ट्रेनिंग

AFMC केवल मेडिकल शिक्षा का संस्थान नहीं, बल्कि ऐसा केंद्र है जहां छात्रों को डॉक्टर बनने के साथ सैन्य अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और नेतृत्व क्षमता का भी प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां MBBS की पढ़ाई के दौरान भानवी ने कठिन शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ सैन्य प्रशिक्षण भी पूरा किया. इस दौरान उन्होंने खुद को ऐसी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया, जहां युद्ध क्षेत्र, आपदा राहत और कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों का उपचार करना होता है.

पासिंग आउट परेड में मिला लेफ्टिनेंट का कमीशन

10 जुलाई 2026 को पुणे स्थित AFMC में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान भानवी शेखावत को भारतीय सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्रदान किया गया. इस समारोह में कुल 141 मेडिकल स्नातकों ने कमीशन प्राप्त किया. इनमें 112 अधिकारी भारतीय सेना, 12 भारतीय नौसेना और 17 भारतीय वायुसेना में शामिल हुए. परेड का निरीक्षण सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने किया.

आर्मी मेडिकल कोर में निभानी होगी अहम जिम्मेदारी

आर्मी मेडिकल कोर के अधिकारियों की भूमिका केवल सैन्य अस्पतालों तक सीमित नहीं होती. उन्हें फील्ड हॉस्पिटल, ऑपरेशनल एरिया, सीमावर्ती इलाकों और आपदा राहत अभियानों में भी अपनी सेवाएं देनी पड़ती हैं. सेना के डॉक्टरों को युद्ध जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घायल सैनिकों का इलाज करने, दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और मानवीय सहायता अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है.

युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं भानवी

लेफ्टिनेंट भानवी शेखावत की सफलता यह साबित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और अनुशासन किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकते हैं. शिक्षक परिवार से निकलकर भारतीय सेना की मेडिकल कोर में अधिकारी बनने तक का उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं. उनकी उपलब्धि न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है.

ये भी पढ़ें…

क्रिकेटर ईशान किशन को RBI में जो नौकरी मिली, उसके लिए कैसे होता है सेलेक्शन, क्या-क्या है सुविधाएं? पढ़ें डिटेल

Advertisement