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MPPSC Success Story: ड्राइवर के बेटे ने रचा इतिहास, MPPSC पास कर बने डिप्टी कलेक्टर; पिता ने सपने के लिए बेच दिया GPS

MPPSC Success Story: खंडवा के ऋतिक सोलंकी ने आर्थिक मुश्किलों के बावजूद MPPSC 2023 पास कर डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया. जानिए उनके संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.

By: Munna Verma | Published: August 23, 2026 4:09:25 PM IST



MPPSC Success Story: ड्राइवर के बेटे ऋतिक सोलंकी बने डिप्टी कलेक्टर, संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी
कहते हैं कि अगर मंजिल पाने का जुनून हो तो मुश्किल हालात भी रास्ता नहीं रोक सकते. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ऋतिक सोलंकी की कहानी इसी बात की मिसाल है. सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच पढ़ाई पूरी करने वाले ऋतिक ने MPPSC 2023 परीक्षा में सफलता हासिल की और डिप्टी कलेक्टर बनने का अपना सपना पूरा किया.

ऋतिक के पिता रूपसिंह सोलंकी एक IAS अधिकारी के आधिकारिक ड्राइवर हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन पिता ने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. उन्होंने अपनी जरूरतों को सीमित किया और ऋतिक की शिक्षा को प्राथमिकता दी. बेटे के सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने कई आर्थिक समझौते किए. यहां तक कि अतिरिक्त खर्च जुटाने के लिए रूपसिंह ने अपना GPS डिवाइस भी बेच दिया. यह त्याग बताता है कि ऋतिक की सफलता के पीछे उनकी मेहनत के साथ परिवार का भरोसा भी कितना बड़ा था.

IAS अधिकारी को करीब से देखकर मिली प्रेरणा

ऋतिक के लिए सिविल सर्विस में जाने की प्रेरणा उनके घर के माहौल से ही मिली. उनके पिता जिस IAS अधिकारी के साथ काम करते थे, उन्हें करीब से देखकर ऋतिक के मन में प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा मजबूत हुई. जिस IAS की बात कर रहे हैं, उनका नाम सृष्टि जयंत देशमुख है. उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2018 में All India Rank 5 हासिल की थी. उनकी सफलता और काम को देखकर ऋतिक भी सिविल सेवा की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए.

Delhi University से MPPSC तक का सफर

ऋतिक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. रास्ते में आर्थिक चुनौतियां लगातार बनी रहीं, लेकिन परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा. उनकी मेहनत का परिणाम पहले MPPSC 2022 में देखने को मिला, जब उन्होंने परीक्षा पास कर Assistant Treasury Officer (ATO) का पद हासिल किया. फिलहाल वे अलीराजपुर में तैनात हैं. लेकिन ऋतिक का लक्ष्य इससे भी बड़ा था. उन्होंने तैयारी जारी रखी और MPPSC 2023 में सफलता हासिल कर डिप्टी कलेक्टर का पद प्राप्त किया.

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परिवार की मेहनत बनी सफलता की ताकत

ऋतिक अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं. उनके बड़े भाई राहुल सोलंकी ने भी मध्य प्रदेश वन सेवा परीक्षा पास की है और महाराष्ट्र की चंद्रपुर फॉरेस्ट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं. ऋतिक की कहानी सिर्फ MPPSC Success Story नहीं है. यह उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की कहानी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. परिवार का त्याग, सही लक्ष्य और लगातार मेहनत मिल जाए तो साधारण परिस्थितियों से निकलकर भी असाधारण मुकाम हासिल किया जा सकता है.

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