IRS Story: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में सामने आए कथित रिश्वत मामले में शुक्रवार को ठाणे की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने सीनियर IRS अधिकारी समेत तीन आरोपियों की CBI द्वारा की गई गिरफ्तारी को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना. अदालत ने तीनों को 15,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया. मामले में 2009 बैच के IRS अधिकारी और CGST के एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेती, CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और निजी व्यक्ति नरिंदर राजपूत आरोपी हैं.
CBI ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी मांगी थी. हालांकि, कोर्ट ने एजेंसी की मांग को स्वीकार नहीं किया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कथित रिश्वत की रकम पहले ही बरामद की जा चुकी है.
BE, M.Sc की हासिल की डिग्री
IRS Officer विनय कुमार कंथेती 2009 बैच के अधिकारी हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की हैं. इसके बाद उन्होंने इकोनॉमिक्स में M.Sc किया है. बाद में विनय ने UPSC की परीक्षा को पास करके IRS अधिकारी बनें. वहीं रिश्वत लेने के मामले में तलाशी के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन भी जांच एजेंसी के कब्जे में ले लिया गया है. ऐसे में अदालत को आरोपियों से आगे हिरासत में पूछताछ करने के लिए कोई संतोषजनक आधार नजर नहीं आया.
गिरफ्तारी मेमो और प्रक्रिया को लेकर कोर्ट की आपत्ति
प्रभारी एडिशनल सेशंस जज एमएस लोन ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. कोर्ट के मुताबिक, केस डायरी में गिरफ्तारी का मेमो निर्धारित प्रारूप में टाइप करके तैयार किया गया था. इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार और कारण वास्तव में समझाए गए थे या नहीं. अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों के रिश्तेदारों को गिरफ्तारी की लिखित सूचना नहीं दी गई थी. इसी आधार पर कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि तीनों की गिरफ्तारी कानून में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी.
40 लाख रुपये लेते पकड़ा गया निजी व्यक्ति
CBI के अनुसार, मामले की शुरुआत CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा के खिलाफ दर्ज FIR से हुई थी. आरोप है कि पत्थर की खदान से जुड़ी कंपनी के GST और रॉयल्टी मामले को निपटाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी. जांच एजेंसी का दावा है कि शुरुआत में कथित तौर पर 1.5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, जिसे बातचीत के बाद घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया. CBI ने गुरुवार को जाल बिछाकर नरिंदर राजपूत को कथित तौर पर 40 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया.
इसके बाद कंथेती और सिन्हा को भी गिरफ्तार किया गया. CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी के दौरान 43 लाख रुपये नकद और करीब 90 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद करने का दावा किया.
CBI ने कहा- कानूनी प्रक्रिया का पालन किया
अदालत के आदेश के बाद सूत्रों ने कहा कि CBI मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अदालत का रुख कर सकती है. एजेंसी का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था, जिसमें गिरफ्तारी के आधार की जानकारी देना भी शामिल है. मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच पर सभी की नजर रहेगी.