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IPS Success Story: 11वीं में मिले सिर्फ 34% अंक, इंजीनियरिंग में 24 बैकलॉग, फिर भी UPSC पास कर बने IPS

IPS Sameer Sharma Success Story: 11वीं में सिर्फ 34% अंक और इंजीनियरिंग में 24 बैकलॉग के बावजूद समीर शर्मा ने हार नहीं मानी. लगातार मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर उन्होंने UPSC पास कर IPS अधिकारी बनने का सपना साकार किया.

By: Munna Verma | Published: July 8, 2026 3:33:50 PM IST



IPS Success Story: कई छात्र खराब रिजल्ट या परीक्षा में असफल होने के बाद यह मान लेते हैं कि उनका सपना अब पूरा नहीं हो सकता. लेकिन IPS अधिकारी समीर शर्मा (IPS Sameer Sharma) की कहानी इस सोच को पूरी तरह बदल देती है. कभी 11वीं कक्षा में सिर्फ 34 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले और इंजीनियरिंग के दौरान 24 बैकलॉग झेलने वाले समीर ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई.

उनकी सफलता यह साबित करती है कि किसी भी छात्र का भविष्य केवल उसके स्कूल या कॉलेज के अंकों से तय नहीं होता, बल्कि उसके जज्बे, अनुशासन और लगातार प्रयास से तय होता है.

पढ़ाई में संघर्ष से शुरू हुआ सफर

समीर शर्मा का शुरुआती शैक्षणिक सफर आसान नहीं था. उन्होंने 10वीं कक्षा में 57 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. 11वीं में उनका प्रदर्शन और गिर गया, जहां उन्हें केवल 34 प्रतिशत अंक मिले. हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और 12वीं में मेहनत करके अपने अंक बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक पहुंचाए. स्कूल के बाद भी चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उनके 24 बैकलॉग हो गए, जिससे डिग्री पूरी करना भी बेहद कठिन हो गया. लेकिन उन्होंने असफलताओं को अपनी पहचान नहीं बनने दिया.

असफलता को बनाया सीखने का मौका

समीर ने हर नाकामी से कुछ नया सीखा. उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति बदली, नियमित अध्ययन की आदत विकसित की और छोटे-छोटे सुधारों पर ध्यान देना शुरू किया. उन्होंने दूसरों से तुलना करने के बजाय खुद को बेहतर बनाने पर फोकस किया. यही बदलाव उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. उन्होंने समझ लिया कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि रोज की मेहनत से बनती है.

18 महीने की तैयारी और UPSC में शानदार सफलता

समीर शर्मा ने करीब 18 महीने तक पूरी लगन और अनुशासन के साथ UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 182 हासिल की. इसके बाद वर्ष 2011 में उन्हें AGMUT कैडर के तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में नियुक्ति मिली. यह उपलब्धि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई, जो खराब शैक्षणिक रिकॉर्ड के कारण अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं.

सोच में बदलाव बना सफलता की कुंजी

समीर शर्मा का मानना है कि सफलता का सबसे बड़ा आधार सकारात्मक सोच और निरंतर सुधार है. उन्होंने कभी अपनी पुरानी असफलताओं को अपनी पहचान नहीं बनने दिया. इसके बजाय उन्होंने हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश की. उनकी कहानी यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियां इंसान को मजबूत बनाती हैं, यदि वह उनसे सीखने का साहस रखता हो.

UPSC उम्मीदवारों के लिए बड़ी सीख

UPSC जैसी कठिन परीक्षा में केवल अच्छे अंक या प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री ही सफलता की गारंटी नहीं होती. समीर शर्मा की यात्रा बताती है कि अनुशासन, सही रणनीति, धैर्य और लगातार मेहनत किसी भी कमी को पीछे छोड़ सकते हैं. उनकी कहानी उन हजारों छात्रों को उम्मीद देती है, जो कभी कम अंक, बैकलॉग या असफल प्रयासों के कारण निराश हो जाते हैं.

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