Home > जॉब > BPSC Success Story: पिता की नक्सलियों ने की थी हत्या, JEE क्रैक करके पहुंचे IIT, अब करोड़ों का पैकेज छोड़ बने DSP

BPSC Success Story: पिता की नक्सलियों ने की थी हत्या, JEE क्रैक करके पहुंचे IIT, अब करोड़ों का पैकेज छोड़ बने DSP

BPSC Success Story के रूप में अंकित कुमार की यात्रा हर प्रतियोगी छात्र के लिए प्रेरणा है. पिता को खोने का दर्द, नक्सल प्रभावित क्षेत्र का माहौल और आर्थिक चुनौतियां भी उनके हौसले को नहीं तोड़ सकीं.

By: Munna Verma | Published: July 8, 2026 8:54:27 AM IST



BPSC Success Story: कहते हैं कि मुश्किल परिस्थितियां इंसान की हिम्मत की असली परीक्षा लेती हैं. जो लोग हालात के सामने झुकने के बजाय उनसे लड़ना चुनते हैं, वही एक दिन नई मिसाल कायम करते हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है बिहार के जहानाबाद निवासी अंकित कुमार (Ankit Kumar) की, जिन्होंने संघर्षों से भरे जीवन के बावजूद BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनने का सपना पूरा किया.

अंकित की सफलता केवल एक सरकारी नौकरी पाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का ऐसा उदाहरण है, जो हर युवा को प्रेरित करता है.

पिता की हत्या ने बदल दी जिंदगी

अंकित कुमार का बचपन बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मखदुमपुर के मकरपुर गांव में बीता. साल 2015 में नक्सलियों ने उनके पिता रजनीश शर्मा की हत्या कर दी. इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. पिता के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. आर्थिक और मानसिक चुनौतियों के बीच अंकित की पढ़ाई प्रभावित हो सकती थी, लेकिन परिवार ने हार नहीं मानी. उनके चाचा नीरज शर्मा ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और अंकित की पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

संघर्ष के बीच शिक्षा को बनाया सबसे बड़ा हथियार

बेहतर पढ़ाई के लिए अंकित को गया भेजा गया. उन्होंने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे अंकित ने DAV स्कूल, गया से 10वीं और मॉडर्न एकेडमी से 12वीं की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने पहले ही प्रयास में JEE परीक्षा पास की और देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT BHU (वाराणसी) में इंजीनियरिंग में प्रवेश हासिल किया. वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की.

करोड़ों के पैकेज की जगह चुनी देश सेवा

IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित के सामने कई बड़ी निजी कंपनियों में आकर्षक नौकरी के अवसर थे. शानदार सैलरी और सुरक्षित करियर के बावजूद उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया में जाने के बजाय प्रशासनिक सेवा को चुना. उनका लक्ष्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सेवा करना था. इसी सोच ने उन्हें BPSC परीक्षा की तैयारी की ओर प्रेरित किया.

बिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

आज जब अधिकांश अभ्यर्थी महंगी कोचिंग पर निर्भर रहते हैं, अंकित ने पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी के दम पर की. वे घंटों लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करते थे और अपने नोट्स तैयार करते थे. उनकी मेहनत रंग लाई और 70वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में पहले ही प्रयास में पूरे बिहार में 274वीं रैंक हासिल कर DSP पद के लिए चयनित हो गए.

सफलता की खबर सुनकर छलक पड़े मां के आंसू

जब अंकित ने अपनी मां सुनीता देवी को फोन कर DSP बनने की खबर दी, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. बेटे की सफलता सुनकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले. वर्षों का संघर्ष और त्याग उस पल सफल होता नजर आया. यह सफलता केवल अंकित की नहीं, बल्कि उस परिवार की भी जीत है जिसने कठिन से कठिन समय में शिक्षा और मेहनत का साथ नहीं छोड़ा.

युवाओं के लिए प्रेरणा

अंकित कुमार की कहानी यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. उन्होंने यह साबित कर दिया कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं.

ये भी पढ़ें…

IOB Vacancy: इंडियन ओवरसीज बैंक में निकली बंपर वैकेंसी, ग्रेजुएट के लिए बढ़िया मौका, बेहतरीन होगी सैलरी
JNVST 2027 Registration: फ्री में टॉप स्कूल में कराना चाहते हैं बच्चों का एडमिशन, तो फटाफट करें अप्लाई, ऐसे होगा चयन

Advertisement