CM Fellowship: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इनमें सबसे अहम ‘वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम’ है, जिसके तहत अब राज्य के सभी 75 जिलों में विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी. इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में दो फेलो एक इकोनॉमिक डेवलपमेंट फेलो और एक डेटा एनालिस्ट फेलो नियुक्त किए जाएंगे. ये दोनों जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में काम करेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों की गहराई से निगरानी करेंगे.
इनकी जिम्मेदारी सिर्फ डेटा इकट्ठा करना नहीं होगी, बल्कि विकास की रणनीति तैयार करना भी होगा. कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन, रोजगार और जिला घरेलू उत्पाद (DDP) जैसे अहम क्षेत्रों की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
डिजिटल डैशबोर्ड से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
अब तक योजनाओं की निगरानी कागजी रिपोर्ट्स या देरी से मिलने वाले आंकड़ों पर निर्भर रहती थी. लेकिन नई व्यवस्था में डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए हर योजना की प्रगति को रियल-टाइम में ट्रैक किया जाएगा. इससे तुरंत पता चल सकेगा कि कौन सा जिला या सेक्टर पीछे है और कहां सुधार की जरूरत है. डेटा आधारित निर्णय लेने से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी, जिससे योजनाओं का असर भी तेजी से दिखाई देगा.
कौन बन सकता है CM फेलो?
इस फेलोशिप के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है. अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई है. चयन प्रक्रिया तीन चरणों में लिखित परीक्षा, अतिरिक्त योग्यता और इंटरव्यू के जरिए पूरी होगी. इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी State Transformation Commission Uttar Pradesh को दी गई है, जो योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी.
वेतन और सुविधाएं: युवाओं के लिए शानदार मौका
चयनित फेलो को 50,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा या भत्ता भी मिलेगा. शुरुआती नियुक्ति एक साल के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाया जा सकता है. यह पहल उन युवाओं के लिए खास अवसर है, जो प्रशासन और नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं.
न्याय व्यवस्था में डिजिटल बदलाव
कैबिनेट ने न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए भी अहम फैसले लिए हैं. ई-साक्ष्य प्रबंधन और ई-समन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी. अब डिजिटल सबूत जैसे मोबाइल डेटा, वीडियो और ईमेल को सुरक्षित तरीके से कोर्ट में पेश किया जा सकेगा. ई-समन के जरिए कोर्ट नोटिस डिजिटल रूप में भेजे जाएंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी. वहीं छोटे अपराधों में जेल की बजाय सामुदायिक सेवा जैसे सफाई, वृक्षारोपण और ट्रैफिक प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा.
शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़ा कदम
राज्य के 150 सरकारी स्कूलों में ‘ड्रीम स्किल लैब्स’ स्थापित की जाएंगी, जहां छात्रों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग मिलेगी. इसके अलावा, Yamuna Expressway क्षेत्र में 400/220 केवी का आधुनिक बिजली उपकेंद्र बनाया जाएगा, जिससे उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.