Brijesh Parmar Success Story: असफलता के बाद अक्सर लोग मान लेते हैं कि अब आगे कुछ नहीं हो सकता. लेकिन राजस्थान के बृजेश परमार की कहानी इस सोच को पूरी तरह बदल देती है. 12वीं में फेल होने से लेकर डांस की दुनिया में कदम रखने और फिर राजस्थान प्रशासनिक सेवा यानी RAS परीक्षा पास करने तक का उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है.
सिरोही जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले बृजेश के पिता CISF में ASI हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. जब गांव में उनके RAS में चयन की खबर पहुंची तो कई लोग हैरान रह गए. आखिर जिस युवक को कभी पढ़ाई में लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा था, उसने इतनी कठिन परीक्षा कैसे पास कर ली?
दोस्तों की देखा-देखी चुनी साइंस, 12वीं में हुए फेल
बृजेश स्कूल में अच्छे छात्र माने जाते थे. लेकिन 11वीं के बाद उन्होंने अपनी रुचि को समझे बिना दोस्तों की देखा-देखी साइंस स्ट्रीम चुन ली. जल्द ही उन्हें महसूस हुआ कि यह फैसला उनके लिए सही नहीं था. पढ़ाई समझ में नहीं आने के कारण वह 12वीं में फेल हो गए. बाद में स्ट्रीम बदलकर उन्होंने 12वीं पास की, लेकिन इस असफलता ने उनका आत्मविश्वास काफी प्रभावित किया.
कॉलेज में भी मिली असफलता
इसके बाद बृजेश ने B.A. में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लगा. पहले साल में वह फेल हो गए. हालांकि उन्होंने बाद में ग्रेजुएशन पूरा किया, लेकिन उस दौरान उनके भीतर करियर को लेकर असमंजस बना रहा. इसी बीच उनका पुराना जुनून डांस सामने आया.
पिता ने बेटे के सपने पर जताया भरोसा
बृजेश ने अपने पिता से डांसर बनने की इच्छा बताई. पिता ने बेटे को रोकने के बजाय उसका साथ दिया. इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे और कोरियोग्राफर एशले बोलन की कंपनी ‘द डांसवर्क्स’ में प्रोफेशनल डांस सर्टिफिकेशन कोर्स किया. उन्होंने अलग-अलग देशों के कोरियोग्राफर्स से कंटेम्परेरी, जैज, बैले और मॉडर्न डांस सीखा. आगे चलकर उन्होंने शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस जैसे चर्चित कलाकारों के साथ भी काम किया.
ये भी पढ़ें…
India Post GDS Bharti: भारतीय डाक में निकली बंपर वैकेंसी, बिना परीक्षा होगा चयन, 10वीं पास करें आवेदन
IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग, IAS बनने का सपना टूटा तो बदली राह, विदेश छोड़ भारत में खड़ी कर दी 20,000 करोड़ की कंपनी
कोविड ने बदली जिंदगी की दिशा
कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने उनका डांस करियर रोक दिया और उन्हें गांव लौटना पड़ा. वहां लोगों के सवाल और ताने उन्हें परेशान करते थे. लेकिन उन्होंने इन्हीं बातों को अपनी ताकत बना लिया. कोविड के दौरान उन्हें RPSC और RAS परीक्षा के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े वीडियो देखे और डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के लेक्चर से भी प्रेरणा ली. इसके बाद उन्होंने फिर किताबें उठाईं और बिल्कुल शुरुआत से तैयारी शुरू की.
पहले प्रयास में RAS, फिर दोबारा सफलता
मेहनत का परिणाम जल्द दिखाई देने लगा. मॉक टेस्ट में प्रदर्शन बेहतर हुआ और कोचिंग शिक्षकों का भरोसा भी बढ़ा. 2023 में बृजेश ने अपने पहले प्रयास में RAS परीक्षा पास की और कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर बने. लेकिन उन्होंने यहीं रुकने के बजाय तैयारी जारी रखी. अगले वर्ष 2024 में भी उन्होंने RAS परीक्षा पास कर ली.