Home > जॉब > CBSE NCERT Vacancy: सीबीएसई और एनसीईआरटी में स्टाफ की भारी कमी, आधे से ज्यादा पद खाली, देखें पोस्ट वाइज डिटेल

CBSE NCERT Vacancy: सीबीएसई और एनसीईआरटी में स्टाफ की भारी कमी, आधे से ज्यादा पद खाली, देखें पोस्ट वाइज डिटेल

CBSE NCERT Vacancy: सीबीएसई और एनसीईआरटी में कई पद खाली हैं. संसदीय समिति ने स्टाफ की कमी पर चिंता जताते हुए रिक्त पद जल्द भरने की सिफारिश की है.

By: Munna Verma | Published: August 13, 2026 3:29:40 PM IST



CBSE NCERT Vacancy: देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी दो अहम संस्थाओं NCERT और CBSE में कर्मचारियों की कमी को लेकर संसदीय समिति ने गंभीर चिंता जताई है. समिति की रिपोर्ट के मुताबिक NCERT में स्वीकृत पदों में से आधे से अधिक खाली हैं, जबकि CBSE में करीब 44 फीसदी पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है.

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब National Education Policy (NEP) 2020 के लक्ष्यों को लागू करने और देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.

NCERT में 1,596 पद खाली

संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 तक NCERT में कुल 2,844 स्वीकृत पद थे. इनमें से केवल 1,248 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि 1,596 पद खाली थे. रिक्त पदों में अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, करीब 145 शैक्षणिक, 131 स्कूल शिक्षण, 916 मंत्रालयिक और 404 सहायक पद खाली थे. समिति ने कहा कि NCERT राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के विकास, पाठ्यक्रम निर्माण और शैक्षणिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऐसे में इतने बड़े स्तर पर रिक्तियां संस्थान के कामकाज को प्रभावित कर सकती हैं.

NEP 2020 के क्रियान्वयन के बीच बढ़ी चिंता

शिक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया कि NCERT ने फाउंडेशनल स्टेज के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-FS) और स्कूल शिक्षा के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन तैयार किया है. इन फ्रेमवर्क के आधार पर पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों को विकसित करने का काम भी चल रहा है. ऐसे महत्वपूर्ण बदलावों के दौर में पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ और कर्मचारी उपलब्ध होना जरूरी है. इसी वजह से समिति ने मंत्रालय से रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए गंभीर और समयबद्ध प्रयास करने की सिफारिश की है.

CBSE में 933 पद खाली

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE में भी स्थिति चिंताजनक बताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड में 2,117 स्वीकृत पदों में से 933 पद खाली हैं. यह कुल स्वीकृत पदों का लगभग 44 प्रतिशत है. सबसे अधिक कमी ग्रुप-C के सहायक कर्मचारियों में बताई गई है, जहां 595 पद रिक्त हैं. समिति के अनुसार, CBSE अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए अस्थायी और संविदा कर्मचारियों पर भी निर्भर है.

परीक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

CBSE हर साल बड़ी संख्या में छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है. ऐसे में स्थाई कर्मचारियों की कमी को लेकर समिति ने विशेष चिंता जताई है. रिपोर्ट में कहा गया कि संवेदनशील परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए अस्थाई कर्मचारियों पर निर्भरता परीक्षा की सुरक्षा, गुणवत्ता और सुचारू संचालन के लिए जोखिम पैदा कर सकती है. समिति ने CBSE को संवेदनशील परीक्षा कार्यों में अस्थाई कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने और रिक्त पदों को फास्ट-ट्रैक भर्ती से भरने की सिफारिश की है.

CBSE से जुड़े स्कूल और छात्रों की संख्या बढ़ी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि CBSE से संबद्ध स्कूलों की संख्या पिछले दशकों में काफी बढ़ी है. 1992-93 में जहां करीब 3,787 स्कूल बोर्ड से जुड़े थे, वहीं 2024-25 तक यह संख्या बढ़कर 31,234 हो गई. छात्रों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है. 2025 तक कक्षा 12 में छात्रों की संख्या 17 लाख से अधिक और कक्षा 10 में 23.8 लाख से ज्यादा बताई गई है.

ऐसे में समिति का मानना है कि बढ़ते कामकाज और छात्र संख्या के बीच NCERT और CBSE में पर्याप्त स्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है. आने वाले समय में इन रिक्तियों को भरना शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और परीक्षा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.

ये भी पढ़ें…

UGC NET June 2026 Answer Key Today: यूजीसी नेट आंसर की पर ये रहा लेटेस्ट अपडेट्स, जानें कब होगी जारी
UPSC Success Story: पिता ठेले पर बेचते हैं चाय, 6 बार मिली हार, ऐसे हासिल किया असिस्टेंट कमांडेंट का मुकाम

Tags:
Advertisement