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क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार? सेंसेक्स-निफ्टी औंधे मुंह गिरा; जानें गिरावट की 5 बड़ी वजह

Why Share Market Down Today: क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार? सेंसेक्स 1000 अंक टूटा और निफ्टी 23,350 के नीचे फिसला. जानिए रिकॉर्ड तोड़ते कच्चे तेल और रुपये की गिरावट समेत बड़ी वजहें.

By: Shivani Singh | Published: May 18, 2026 11:30:55 AM IST



Stock Market Today: शेयर बाजार में आज सुबह हाहाकार मच गया. सोमवार की सुबह दलाल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली देखने को मिली जिससे सेंसेक्स 900 से ज्यादा अंक टूट गया और निफ्टी फिसलकर 23400 के नीचे आ गया. ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों, कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों और रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचे रुपये ने निवेशकों के हौसले पस्त कर दिए हैं. सुबह 9:37 बजे तक बीएसई (BSE) का सेंसेक्स 939.10 अंक (1.25%) की भारी गिरावट के साथ 74,298.89 पर आ गया. वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी 284 अंक (1.20%) टूटकर 23,359.50 पर कारोबार कर रहा था.

बाजार में अचानक गिरावट की बड़ी वजहें

कच्चे तेल की कीमतें $111 के पार

बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है. ब्रेंट क्रूड 1.72% बढ़कर 111.14 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 2.02% बढ़कर 107.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. दरअसल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई चेतावनी के बाद दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट की आशंका बढ़ गई है.

भारत पर असर

भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है. महंगा तेल देश में महंगाई बढ़ाएगा, कंपनियों की कमाई पर असर डालेगा और चालू खाता घाटा (CAD) की चिंता बढ़ाएगा. अभी हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं, और जानकारों का मानना है कि अगर क्रूड ऐसे ही महंगा रहा, तो तेल की कीमतें दोबारा बढ़ सकती हैं.

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार पांचवें दिन कमजोर होकर 96.2275 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है. जंग की वजह से रुपया लगातार दबाव में है जिससे कच्चा तेल आयात करना और महंगा हो जाएगा. हालांकि, आरबीआई (RBI) के दखल से गिरावट पर कुछ हद तक ब्रेक जरूर लगा है लेकिन अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 4.62% पर पहुंचने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसे निकाल रहे हैं.

हर सेक्टर में मची बिकवाली, सिर्फ IT में राहत

आज बाजार में बिकवाली इतनी चौतरफा थी कि आईटी (IT) सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.51%, रियलिटी में 2.29% और पीएसयू बैंकों में 2.08% की सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. मेटल शेयर भी 1.75% तक टूट गए. सेंसेक्स कंपनियों में टाटा स्टील 4% से ज्यादा टूटकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा. इसके अलावा पावर ग्रिड, अदानी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी और टाइटन में भी भारी गिरावट रही.

आईटी सेक्टर को सहारा

रुपये के कमजोर होने से एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड (निर्यात करने वाले) सेक्टर्स को फायदा होने की उम्मीद है. इसी वजह से इन्फोसिस 0.80% और टेक महिंद्रा 0.09% की बढ़त के साथ डटे रहे.

अब निवेशक क्या करें?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, इस मुश्किल वक्त में फार्मा और आईटी जैसे एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टर्स ज्यादा सुरक्षित नजर आ रहे हैं. इसके अलावा, विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली के चलते देश के बड़े प्राइवेट बैंक इस वक्त दबाव में हैं, लेकिन फंडामेंटली मजबूत और सही वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं. ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट का फायदा उठाकर धीरे-धीरे अच्छे शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं.

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