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Why Market is Down Today: आज क्यों धड़ाम हो गया शेयर बाजार? ये हैं गिरावट की वो 4 बड़ी वजहें, जिन्होंने बढ़ा दी निवेशकों की टेंशन!

Why Market is Down Today: शेयर बाजार में आज अचानक भारी गिरावट क्यों आई? सेंसेक्स और निफ्टी के टूटने के पीछे हैं ये 4 बड़े कारण, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

By: Shivani Singh | Last Updated: July 8, 2026 4:33:46 PM IST



बुधवार को दलाल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में आई मामूली गिरावट दोपहर होते-होते एक बड़े क्रैश में बदल गई. सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा टूट गया, वहीं निफ्टी भी 24,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ. पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में अचानक बढ़े तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट में टेक शेयरों में आई कमजोरी ने घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया.

यह गिरावट ऐसे समय पर आई है जब पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में अच्छी तेजी देखी जा रही थी. क्रूड ऑयल के दाम घटने, विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी और जून तिमाही के बेहतर नतीजों की उम्मीद में बाजार लगातार रिकॉर्ड बना रहा था. लेकिन मिडल ईस्ट के ताजा घटनाक्रमों ने निवेशकों को एक बार फिर फूंक-फूंक कर कदम रखने पर मजबूर कर दिया है.

दोपहर 1:56 बजे तक बाजार में बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 1,122.46 अंक (1.44%) टूटकर 77,058.26 पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 भी 342.60 अंक (1.40%) की भारी गिरावट के साथ 24,056.10 के स्तर पर पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने चौतरफा बिकवाली को ट्रिगर किया.

बाजार में अचानक आई इस गिरावट की 4 बड़ी वजहें:

1. अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में उबाल

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी है. अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2% से ज्यादा उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं.

भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल बाहर से आयात (इंपोर्ट) करता है. ऐसे में क्रूड का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है. इससे देश का आयात बिल बढ़ता है, चालू खाता घाटा (CAD) चौड़ा होता है और महंगाई बढ़ने का डर रहता है. यही वजह है कि बाजार खुलते ही फ्यूल (इंधन) की लागत और डोमेस्टिक कंजम्पशन (घरेलू खपत) पर निर्भर रहने वाले सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई.

2. वॉल स्ट्रीट का ‘AI सेलऑफ’ पूरी दुनिया में फैला

भू-राजनीतिक चिंताओं के अलावा ग्लोबल टेक शेयरों में आई गिरावट ने भी आग में घी का काम किया. बीते सत्र में अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) के तीनों मुख्य सूचकांक लाल निशान में बंद हुए थे. टेक कंपनियों के दबदबे वाला नैस्डैक 1.16% टूटकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा.

सेमीकंडक्टर (चिपमेकर) शेयरों में हुई इस भारी बिकवाली ने यह चिंता बढ़ा दी है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दम पर बाजार में चल रही तेजी अब थमने वाली है? माइक्रोन टेक्नोलॉजी समेत कई दिग्गज अमेरिकी चिपमेकर्स के शेयर धड़ाम हो गए, जिसका असर बुधवार को एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा.

3. सैमसंग के बंपर मुनाफे के बावजूद मुनाफावसूली

दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अप्रैल-जून तिमाही के शानदार नतीजे घोषित किए. कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 19 गुना बढ़त का अनुमान जताया है, जो रिकॉर्ड 89.4 ट्रिलियन वॉन है.

हैरानी की बात यह रही कि इतने ब्लॉकबस्टर नतीजों के बाद भी निवेशकों ने जश्न मनाने के बजाय ‘प्रॉफिट बुकिंग’ को चुना. सैमसंग और उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी एसके हाइनिक्स के शेयरों में गिरावट आई. बाजार को अब इस बात पर शक होने लगा है कि एआई के दम पर मिल रही यह असाधारण ग्रोथ आगे भी जारी रह पाएगी या नहीं.

4. डीपसीक (DeepSeek) की रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट ने टेक जगत और निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी एआई स्टार्टअप डीपसीक अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप विकसित कर रहा है.

अगर यह कोशिश कामयाब रहती है, तो एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए ग्लोबल चिपमेकर्स पर कंपनियों की निर्भरता काफी कम हो जाएगी. इस खबर से निवेशकों को लगने लगा है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर कंपनियों में हो रहा भारी-भरकम निवेश अब धीमा पड़ सकता है. इसी डर से पिछले एक हफ्ते में ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे टेक-निर्भर बाजारों में तेज करेक्शन देखने को मिला है.

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न स्रोतों और बाजार विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है. InKhabar.com इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. कोई भी निवेश या ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श जरूर लें. 

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