Vaibhav Sooryavanshi Income Tax: क्रिकेट के नए सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल की उम्र में लगभग 7 करोड़ की नेटवर्थ बनाकर सबको हैरान कर दिया है. मैदान पर उनके शानदार प्रदर्शन, आईपीएल (IPL) कॉन्ट्रैक्ट, लीग मैच और ब्रांड एंडोर्समेंट के जरिए उनके पास अच्छी-खासी रकम आ रही है. लेकिन इतनी कम उम्र में इस मोटी कमाई को देखकर एक बड़ा और जरूरी सवाल उठता है कि आखिर नाबालिगों की कमाई पर इनकम टैक्स के नियम कैसे काम करते हैं?
भारत के आयकर कानून के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के बच्चों पर टैक्स लगाने के नियम वयस्कों से काफी अलग हैं. आमतौर पर किसी नाबालिग की कमाई पर अलग से टैक्स नहीं लगता, बल्कि उसे माता-पिता में से उस व्यक्ति की कमाई में जोड़ दिया जाता है जिसकी टैक्सेबल इनकम ज्यादा होती है. हालांकि, इस नियम के कुछ बेहद महत्वपूर्ण अपवाद भी हैं. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.
नाबालिगों की इनकम पर कैसे लगता है टैक्स?
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 64(1A) के तहत, 18 साल से कम उम्र के बच्चे को होने वाली किसी भी कमाई को माता-पिता की इनकम के साथ जोड़ दिया जाता है (जिसे क्लबिंग कहा जाता है). इसके बाद माता-पिता में से जिसकी आय ज्यादा होगी, उसे ही इस पर अपनी इनकम मानकर टैक्स चुकाना पड़ता है.
आमतौर पर बच्चे इन तरीकों से कमाई करते हैं:
- बैंक अकाउंट के ब्याज या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से
- माता-पिता द्वारा उनके नाम पर किए गए इन्वेस्टमेंट से
अलग-अलग स्थितियों में क्लबिंग के नियम
- अगर माता-पिता दोनों कमाते हैं: बच्चे की आय उस पैरेंट की इनकम में जोड़ी जाएगी जिसकी सालाना कमाई ज्यादा है.
- अगर माता-पिता का तलाक हो चुका है: बच्चे की इनकम उस पैरेंट की आय में जुड़ेगी, जिसके पास बच्चे की कस्टडी है.
- अगर माता-पिता दोनों नहीं हैं: ऐसी स्थिति में बच्चे की कमाई को गार्जियन की इनकम में नहीं जोड़ा जाता, बल्कि बच्चे के नाम पर अलग से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया जाता है.
- दिव्यांग बच्चों के लिए खास नियम: इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80U के तहत आने वाले दिव्यांग बच्चों की कमाई को माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ा जाता. (40% से अधिक दिव्यांगता, जैसे- दृष्टिहीनता, सुनने में दिक्कत, लोकोमोटर डिसेबिलिटी या मानसिक बीमारी होने पर यह नियम लागू होता है).
कब नाबालिग को खुद फाइल करना पड़ता है अलग ITR?
यह सबसे जरूरी नियम है जो वैभव सूर्यवंशी जैसे स्टार्स पर लागू होता है. अगर कोई नाबालिग अपनी खुद की मेहनत, हुनर, टैलेंट, खास जानकारी या शारीरिक श्रम के जरिए कमाई करता है, तो वह पैसा माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ा जाता. इस कमाई पर बच्चे को खुद टैक्स देना होता है.
इसमें ये प्रोफेशन शामिल हैं:
- क्रिकेट, चेस या अन्य खेल
- सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन (यूट्यूब/इन्फ्लुएंसर)
- एक्टिंग और सिंगिंग
- ब्रांड एंडोर्समेंट या विज्ञापनों से कमाई
टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ‘यह अपवाद इसलिए दिया गया है क्योंकि यह कमाई माता-पिता द्वारा ट्रांसफर किए गए फंड या एसेट से नहीं हुई है, बल्कि बच्चे की खुद की व्यक्तिगत काबिलियत और प्रयासों का नतीजा है.’
चूंकि वैभव सूर्यवंशी की करोड़ों की कमाई उनके क्रिकेटिंग टैलेंट और पर्सनल स्किल्स की वजह से है, इसलिए उनकी इनकम पर क्लबिंग का नियम लागू नहीं होगा. उन्हें खुद अपने नाम पर टैक्स चुकाना होगा. यही नियम टीवी रियलिटी शो (जैसे मास्टरशेफ), चाइल्ड आर्टिस्ट्स और सोशल मीडिया क्रिएटर्स पर भी हूबहू लागू होता है.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है. किसी भी तरह के टैक्स या इन्वेस्टमेंट से जुड़े फैसले लेने से पहले सर्टिफाइड टैक्स एक्सपर्ट या सीए (CA) से सलाह जरूर लें.