Milky Mist Success Story: कभी परिवार के छोटे से डेयरी कारोबार को संभालने वाले सतीश कुमार ने 16 साल की उम्र में ऐसा फैसला लिया, जिसने आगे चलकर भारतीय डेयरी इंडस्ट्री में एक बड़ा ब्रांड खड़ा कर दिया. आज Milky Mist Dairy Food का कारोबार हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और कंपनी ने अगस्त 2026 में शेयर बाजार में भी शानदार एंट्री की. सतीश कुमार के परिवार का पहले से डेयरी कारोबार था, लेकिन बिजनेस की स्थिति बेहतर नहीं थी. ऐसे समय में सतीश ने पढ़ाई छोड़कर परिवार के कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया. दूध बेचने में मार्जिन कम था, इसलिए उन्होंने केवल दूध बेचने के बजाय उसकी Value Addition पर काम करने की सोची.
यहीं से पनीर बनाने का आइडिया आया. शुरुआत बेहद छोटी थी. सतीश ने लगभग 10 किलो पनीर बनाकर स्थानीय होटलों में सप्लाई करना शुरू किया. धीरे-धीरे मांग बढ़ी और उत्पादन भी बढ़ता गया. यही छोटा प्रयोग आगे चलकर Milky Mist की नींव बना.
पनीर से शुरू हुआ सफर, 640 SKU तक पहुंचा ब्रांड
Milky Mist ने समय के साथ खुद को केवल पनीर बनाने वाली कंपनी तक सीमित नहीं रखा. कंपनी ने चीज़, मक्खन, दही, घी, योगर्ट, ग्रीक योगर्ट, आइसक्रीम और कई अन्य वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया. कंपनी के पास मार्च 2026 तक 22 प्रोडक्ट कैटेगरी और 640 SKU थे. इसके उत्पाद भारत के कई हिस्सों में उपलब्ध हैं और कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क को भी तेजी से विस्तार दिया है.
Milky Mist Revenue और Profit ने पकड़ी तेज रफ्तार
FY26 में Milky Mist का Total Income करीब 3,145 करोड़ रहा, जबकि Profit After Tax बढ़कर 127.01 करोड़ पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का PAT 46.07 करोड़ था. यानी मुनाफे में करीब 176% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज हुई. यह ग्रोथ बताती है कि कंपनी ने पारंपरिक दूध कारोबार के बजाय ज्यादा मार्जिन वाले वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करके अपनी अलग पहचान बनाई.
IPO से मिली नई पहचान
Milky Mist IPO का प्राइस बैंड 133-140 प्रति शेयर था और अपर प्राइस बैंड पर Issue Price 140 तय हुआ. कंपनी का IPO 2.17 गुना Subscribe हुआ और Listing के दिन शेयर 181.50 तक पहुंचा. उस स्तर पर कंपनी का Market Capitalisation करीब 13,973 करोड़ रहा. IPO से पहले Temasek, IFC और HDFC Mutual Fund जैसे बड़े निवेशकों की दिलचस्पी भी कंपनी में देखने को मिली. Anchor investors से करीब 465 करोड़ जुटाए गए थे.
छोटे डेयरी बिजनेस से राष्ट्रीय ब्रांड तक
Milky Mist की कहानी सिर्फ एक कंपनी के बढ़ने की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बीच भी सही बिजनेस आइडिया और ग्राहक की बदलती जरूरत को समझकर बड़ा ब्रांड बनाया जा सकता है. 10 किलो पनीर से शुरू हुआ सफर आज देश के तेजी से बढ़ते वैल्यू-एडेड डेयरी बिजनेस में शामिल हो चुका है.