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Exclusive: Star Health Insurance का क्लेम नहीं मिलने से बढ़ी परिवार की मुश्किलें, कई साल तक लगातार भरा था प्रीमियम

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने वाले कस्टमर्स भी हर साल हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरते हैं, इस उम्मीद में कि अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी आती है, तो उनकी इंश्योरेंस कंपनी मदद करेगी और पॉलिसी में किए गए वादे के मुताबिक कवरेज देगी.

By: Kunal Mishra | Last Updated: June 11, 2026 4:42:36 PM IST



Star Health Insurance claim: हेल्थ इंश्योरेंस को अक्सर मुश्किल समय का सबसे बड़ा फाइनेंशियल सपोर्ट माना जाता है. लोग इस उम्मीद के साथ हर साल हजारों रुपये का प्रीमियम भरते हैं कि किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. लेकिन, जरूरत के समय हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी क्लेम को रिजेक्ट कर देती हैं. हाल के कुछ सालों में हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर तेजी से बढ़ा है और लाखों परिवार अपने मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए बीमा पॉलिसियों पर निर्भर हैं. हालांकि, कई बार क्लेम से जुड़े विवाद सामने आते हैं, जिनमें पॉलिसीहोल्डर दावा करते हैं कि सालों तक प्रीमियम भरने के बावजूद उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कोई मदद नहीं मिल पाई. ऐसे मामलों में न केवल आर्थिक दबाव बढ़ता है बल्कि परिवार को मानसिक तनाव का भी सामना करता है. पिछले कुछ दिनों से हमने ऐसे कई मुद्दे उठाए, जिसमें स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कस्टमर्स का क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया था.

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने वाले कस्टमर्स भी हर साल हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरते हैं, इस उम्मीद में कि अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी आती है, तो उनकी इंश्योरेंस कंपनी मदद करेगी और पॉलिसी में किए गए वादे के मुताबिक कवरेज देगी.

क्लेम नहीं मिलने से मुश्किल में आया परिवार

हमारी पार्टनर वेबसाइट NewsX ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के एक पॉलिसीहोल्डर से बात की, जिन्होंने कई इंश्योरेंस क्लेम को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने अपना नाम बताने से मना कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि क्लेम से जुड़े चल रहे विवाद के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने पर उन्हें नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार के एक्सपीरिएंस ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रीइम्बर्समेंट क्लेम का आकलन, कम्युनिकेशन और निपटारा कैसे किया जाता है. NewsX इस रिपोर्ट में उनकी पहचान को गोपनीय रखते हुए आपको स्टार हेल्थ इंश्योरेंस से उनकी लड़ाई के बारे में बता रहे हैं.

समझने के लिए हम उन्हें अमन नाम से बुला रहे हैं. NewsX के पास ऐसे दस्तावेज़ हैं, जिनसे पता चलता है कि एक छोटी मेडिकल प्रक्रिया के लिए स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने क्लेम को पहले कुछ गलतियों का हवाला देते हुए रिजेक्ट कर दिया गया था. बाद में, मामले को आगे बढ़ाने के बाद क्लेम को आंशिक रूप से मंज़ूरी दी गई. एक अन्य मामले में, उसी परिवार से जुड़े एक बड़े अमाउंट वाले क्लेम का निपटारा कानूनी दखल और insurance ombudsman के सामने कार्यवाही के बाद ही हो सका. यह मामला स्टार हेल्थ द्वारा क्लेम रिजेक्ट करने की शिकायतों, क्लेम कम्युनिकेशन के तरीकों और रीइम्बर्समेंट प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी नहीं होने  पर बड़े सवाल खड़े करता है.  

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम

कई साल तक लगातार भरा प्रीमियम 

आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस को मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सबसे बड़ा आर्थिक सुरक्षा कवच माना जाता है. लोग हर साल प्रीमियम भरते हैं ताकि बीमारी या ऑपरेशन जैसी परिस्थितियों में उन्हें भारी खर्च का सामना न करना पड़े. लेकिन ऐसा ही कुछ अमन के परिवार के साथ भी हुआ, जिसमें उनके परिवार ने दावा किया कि सालों तक प्रीमियम भरने के बावजूद उन्हें एक छोटे मेडिकल खर्च के क्लेम के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा. परिवार के सदस्य अमन के मुताबिक, उनके परिवार के पास Star Women Care Insurance पॉलिसी थी, जिसका Sum Insured ₹1 करोड़ थी.

उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी लंबी अवधि के प्रीमियम भुगतान योजना के तहत खरीदी गई थी और इसकी वैलिडिटी दो साल बाद यानि कि साल 2028 तक है. अमन के मुताबिक, उनकी मां के दाहिने हाथ में Ganglion की समस्या थी, जिसके लिए मार्च 2026 में एक सर्जिकल प्रक्रिया करानी पड़ी. इस बीमारी का कोई पुराना मेडिकल इतिहास नहीं था और इलाज के लिए अस्पताल में एक दिन भर्ती रहना पड़ा था. परिवार के मुताबिक, पूरे इलाज पर करीब ₹10,000 का खर्च आया. अस्पताल में पैसे पहले ही दे दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी के पास Reimbursement क्लेम के लिए अप्लाई किया था. 

star health insurance claim problem

कंपनी ने मांगे एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट्स 

अमन के मुताबिक क्लेम जमा होने के बाद बीमा कंपनी की ओर से कुछ एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट्स की मांग की गई. उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार कंपनी ने Consultation से जुड़े कागज, पिछले इलाज की डिटेल, बायोप्सी रिपोर्ट, अस्पताल का बिल, पैसे देने की रसीदें और खर्च की पूरी डिटेल मांगी. अमन का कहना है कि इन दस्तावेजों को जुटाने के लिए उन्हें कई बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े. उनके अनुसार, परिवार को लगा था कि सभी जरूरी रिकॉर्ड जमा करने के बाद क्लेम प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी. लेकिन, उन्होंने बताया कि एक्सट्रा दस्तावेजों को जमा करने और दोबारा जमा करने में समय और मेहनत दोनों लगीं.

इसके बावजूद परिवार को क्लेम प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ा. Star Health Insurance के एक क्लेम विवाद में नया मोड़ तब आया जब शुरुआत में क्लेम को रिजेक्ट किए जाने के बाद कंपनी ने मामले की दोबारा जांच की और बाद में क्लेम के एक हिस्से को मंजूरी दे दी. यह मामला उस समय चर्चा में आया जब पॉलिसीहोल्डर परिवार ने क्लेम रिजेक्शन के पीछे बताए गए कारणों पर सवाल उठाए और अधिक सटीक जवाब की मांग की. 

क्या थी क्लेम रिजेक्ट होने की वजह? 

NewsX द्वारा देखे गए रिजेक्शन लेटर के अनुसार, स्टार हेल्थ ने क्लेम रिजेक्ट करते हुए कहा था कि जमा किए गए दस्तावेजों में कई तरह के अंतर पाए गए हैं.  कंपनी ने अपने निर्णय के समर्थन में पॉलिसी की जानकारी के प्रकटीकरण और तथ्यों की गलत प्रस्तुति से संबंधित शर्त नंबर एक का हवाला दिया था. हालांकि, परिवार का कहना है कि उन्हें कभी यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर दस्तावेजों में कौन-सी विशिष्ट विसंगति पाई गई थी. NewsX द्वारा समीक्षा किए गए रिजेक्शन लेटर में भी किसी विशेष दस्तावेज, सबूत, जानकारी या निष्कर्ष का उल्लेख नहीं था, जिसके आधार पर क्लेम को खारिज किया गया. अमन ने बताया कि उन्होंने कई बार कंपनी से यह जानने की कोशिश की कि आखिर कौन-सी जानकारी गलत, अधूरी या विवादित मानी गई है.

उनका दावा है कि बार-बार पूछने के बावजूद उन्हें किसी कथित विसंगति के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. अमन का कहना है कि इस स्थिति ने परिवार को असमंजस में डाल दिया, क्योंकि क्लेम रिजेक्शन का कारण सामान्य शब्दों में बताया गया था, लेकिन वास्तविक समस्या क्या थी, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई. NewsX द्वारा समीक्षा किए गए कुछ अन्य Star Health Insurance शिकायत मामलों में भी पॉलिसीधारकों ने इसी तरह की चिंता व्यक्त की थी. उनका कहना था कि उन्हें क्लेम पर नकारात्मक निर्णय का सटीक कारण समझने में कठिनाई हुई, क्योंकि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में विस्तृत जानकारी नहीं थी. 

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम कैसे रिजेक्ट हुआ

सोशल मीडिया पर उठाया मामला 

अमन के मुताबिक परिवार ने मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया और लगातार बीमा कंपनी से संपर्क बनाए रखा. इसके साथ ही उन्होंने अपनी शिकायत को सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर भी साझा किया. उनका कहना है कि लगातार फॉलो-अप के बाद Star Health Insurance ने परिवार को बताया कि जमा किए गए रिकॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं और क्लेम की दोबारा समीक्षा की जा रही है. मामले में आगे बढ़ते हुए कंपनी ने दोबारा से दस्तावेजों की जांच की. इसके बाद क्लेम को लेकर स्थिति में बदलाव आया. 

NewsX द्वारा समीक्षा किए गए 06 जून 2026 को Star Health Insurance क्लेम बिल के अनुसार, संबंधित उपचार के लिए क्लेम का एक हिस्सा स्वीकार कर लिया गया. दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि शुरूआती रिजेक्शन के बाद मामले की दोबारा समक्षी हुई और उसके बाद आंशिक भुगतान को मंजूरी दी गई. हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि शुरुआती रिजेक्शन के दौरान बताई गई कथित विसंगतियां क्या थीं और दोबारा समीक्षा के बाद कंपनी ने अपना रुख किस आधार पर बदला. यह मामला एक बार फिर हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्पष्ट संवाद और निर्णयों के विस्तृत कारण उपलब्ध कराने की आवश्यकता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है.

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