IRCTC Account Update 2026: अगर आप अक्सर IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग सेवा IRCTC ने हाल ही में टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त और फर्जी बुकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू की है. इस अभियान के तहत करोड़ों यूजर अकाउंट्स हुए टेस्ट, जिसमें बड़ी संख्या में खातों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर ब्लॉक या डीएक्टिवेट किया गया है.
रेलवे टिकटों की कालाबाजारी और दलालों की गतिविधियों पर कंट्रोल पाने के उद्देश्य से IRCTC ने एडवांस AI तकनीक का सहारा लिया. इस सिस्टम ने करोड़ों यूजर अकाउंट्स के बुकिंग पैटर्न और गतिविधियों को देखा गया. शुरुआती जांच में लगभग 9 करोड़ अकाउंट्स को संदिग्ध कैटेगरी में रखा गया था. इसके बाद हुई विस्तृत समीक्षा में 3 करोड़ अकाउंट्स ऐसे पाए गए, जिनकी गतिविधियां नियमों के खिलाफ या ज्यादा संदिग्ध थीं. फिलहाल इन खातों को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया.
6 करोड़ अकाउंट्स किए गए डीएक्टिवेट
IRCTC के अनुसार, स्थायी रूप से ब्लॉक किए गए अकाउंट्स के अलावा करीब 6 करोड़ अन्य यूजर्स के खातों को फिलहाल डीएक्टिवेट किया गया है. इन अकाउंट्स को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन फिलहाल इनसे टिकट बुकिंग सहित किसी भी प्रकार की सेवा का लाभ नहीं लिया जा सकता. जांच पूरी होने और वैरिफिकेशन होने के बाद इन्हें दोबारा एक्टिव किया जा सकता है.
क्या डीएक्टिवेट किए गए सभी अकाउंट फर्जी हैं?
ऐसा नहीं है कि जिन सभी अकाउंट्स को डीएक्टिवेट किया गया है, वे फर्जी या नकली हैं. IRCTC का कहना है कि इनमें बड़ी संख्या वास्तविक यात्रियों की भी है. हालांकि, AI सिस्टम ने कुछ असामान्य या संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित किया, जिसके चलते सुरक्षा उपाय के तौर पर इन खातों को अस्थायी रूप से डीएक्टिवेट कर दिया गया.
फिर से कैसे चालू होगा अकाउंट
यदि आपका IRCTC अकाउंट भी इस कार्रवाई से प्रभावित हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे यूजर्स अपने खाते की KYC प्रक्रिया पूरी करके उसे दोबारा एक्टिवेट करा सकते हैं. पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट का वैरिफिकेशन होने के बाद अकाउंट फिर से एक्टिव कर दिया जाएगा और यूजर पहले की तरह ऑनलाइन टिकट बुकिंग कर सकेंगे.