PM Modi gold recycling: भारत में सोना लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है. चाहे शादी हो या कोई त्योहार, सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. हालांकि, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से अपील कर रहे हैं कि वे नया सोना खरीदने के बजाय, अपने घरों में बेकार पड़े पुराने सोने को रीसायकल करें. इस अपील के पीछे देश की अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा भंडार और बढ़ते आयात बिलों से जुड़े महत्वपूर्ण कारण हैं.
क्या अपील की है PM मोदी ने?
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से नया सोना खरीदने के बजाय घरों और मंदिरों में रखे सोने का इस्तेमाल करने या उसे रीसायकल करने के बारे में सोचने को कहा है. उनका कहना है कि देश में पहले से मौजूद सोने का बेहतर इस्तेमाल करने से विदेशी इंपोर्ट की जरूरत कम हो सकती है.
भारत के पास कितना सोना है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय घरों और मंदिरों में लगभग 32,000 टन सोना मौजूद है. इसे दुनिया के सबसे बड़े निजी स्वर्ण भंडारों में से एक माना जाता है. इस सोने का एक बड़ा हिस्सा लॉकरों और तिजोरियों में ही जमा रहता है, और आर्थिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पाता.
सरकार सोने की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा क्यों दे रही है?
भारत अपनी सोने की ज्यादातर जरूरतें विदेशों से आयात करके पूरी करता है. वित्त वर्ष 2025-26 में, देश ने लगभग $72.4 बिलियन का सोना आयात किया. इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर काफ़ी दबाव पड़ता है. जब भी भारत सोना आयात करता है, तो उसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में करना पड़ता है. इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और बढ़ जाता है. सरकार का मकसद डॉलर बचाना और यह पक्का करना है कि विदेशी मुद्रा भंडार मज़बूत बना रहे. ज्यादा आयात और कम निर्यात वाली स्थिति से चालू खाता घाटा बढ़ जाता है. सोने का आयात कम करने से इस घाटे को काबू करने में मदद मिल सकती है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर घरों और मंदिरों में रखे कुल सोने का सिर्फ 1% भी हर साल रीसाइकल किया जाए, तो भारत का सोने का आयात 25% से 30% तक कम हो सकता है. इससे विदेशी मुद्रा में अरबों डॉलर की बचत हो सकती है.
इसके अलावा सरकार द्वारा और कोनसे कदम उठाए हैं?
सोने के आयात को कम करने के लिए सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर लगने वाली आयात ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है. सरकार का मानना है कि इससे विदेशों से सोने-चांदी की खरीद घटेगी, रुपये को मजबूती मिलेगी और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव भी कम होगा.
इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार की अपील का यह मतलब नहीं है कि लोग सोना खरीदना पूरी तरह से बंद कर दें. इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि वे अपने घरों में बेकार पड़े पुराने सोने का बेहतर इस्तेमाल करके भी अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं. इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी.