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PM Kisan Yojana: क्या एक ही जमीन पर बाप-बेटे या दो भाइयों को मिल सकते हैं 6000 रुपये? जानें क्या कहते हैं नियम

क्या एक ही जमीन पर बाप-बेटे या दो भाइयों को PM Kisan के 6000 रुपये मिल सकते हैं? जानिए क्या कहते हैं सरकारी नियम और किन शर्तों पर दोनों को मिलेगा योजना का लाभ.

By: Shivani Singh | Published: July 31, 2026 3:37:54 PM IST



देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं. इनमें सबसे प्रमुख ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा बनकर उभरी है. इसके तहत सरकार किसानों के बैंक खातों में हर साल 3 किश्तों में कुल ₹6,000 सीधे ट्रांसफर करती है, ताकि वे खेती-किसानी से जुड़े छोटे-मोटे खर्च आसानी से निकाल सकें.

हालांकि, गांवों और कस्बों में आज भी इस योजना के नियमों को लेकर काफी भ्रम देखने को मिलता है. सबसे बड़ा सवाल तब उठता है जब एक ही जमीन पर दो लोग जैसे बाप-बेटे या दो भाई खेती करते हैं. लोगों को लगता है कि अगर जमीन के कागजात में दोनों का नाम दर्ज है, तो परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग 6,000 रुपये मिलेंगे.

लेकिन क्या पीएम किसान योजना के नियम वास्तव में इसकी अनुमति देते हैं? आइए, आसान और स्पष्ट शब्दों में समझते हैं कि सरकारी दिशानिर्देश क्या कहते हैं.

क्या एक ही परिवार के दो सदस्यों को मिल सकता है लाभ?

पीएम किसान योजना के नियमों के मुताबिक, पति, पत्नी और उनके नाबालिग (18 वर्ष से कम) बच्चों को मिलाकर एक ही ‘परिवार’ (Family Unit) माना जाता है.

अगर जमीन के दस्तावेजों में पिता के साथ उनके नाबालिग बेटे का नाम भी दर्ज है, तब भी योजना का लाभ परिवार के केवल एक ही व्यक्ति को दिया जाएगा. आमतौर पर किश्त की रकम परिवार के मुखिया (पिता) के खाते में भेजी जाती है. ऐसा इसलिए तय किया गया है ताकि एक ही राशन कार्ड या एक ही रसोई साझा करने वाला परिवार दोबारा दावा न कर सके. इसलिए अगर आप सोचते हैं कि एक ही घर के दो सदस्यों को अलग-अलग पैसे मिल जाएंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है.

पिता और वयस्क बेटे के लिए क्या हैं नियम?

अब बात करते हैं उस स्थिति की, जब बेटा बालिग (18 साल से अधिक) हो चुका है और जमीन के रिकॉर्ड में उसका नाम भी दर्ज है.

  • अगर बेटा बालिग है और सरकारी भू-लेख (खतौनी) में एक अलग हिस्सेदार या सह-खातेदार के रूप में दर्ज है, तो स्थिति बदल जाती है. इस मामले में:
  • बालिग बेटा अपने अलग राशन कार्ड और स्वतंत्र पहचान के आधार पर योजना के लिए आवेदन कर सकता है.
  • अगर सरकारी रिकॉर्ड में उसकी अलग कृषि भूमि स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, तो वह योजना के लाभ का पात्र हो सकता है.

ध्यान दें: अगर जमीन सिर्फ पिता के नाम पर पंजीकृत है और बेटा सिर्फ उस पर खेती में हाथ बंटाता है, तो बेटे को कोई पैसा नहीं मिलेगा.

दो भाइयों के नाम एक ही जमीन हो तो किसे मिलेगी किश्त?

पैतृक संपत्ति (पुरखों की जमीन) में दो भाइयों का नाम दर्ज होना बेहद आम बात है.

अगर किसी जमीन पर दो भाइयों का मालिकाना हक है और दोनों सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में अलग-अलग हिस्सेदार के रूप में दर्ज हैं, तो दोनों भाई योजना का लाभ ले सकते हैं.

लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि दोनों के परिवार अलग-अलग होने चाहिए—यानी दोनों के पास अलग-अलग राशन कार्ड होने चाहिए. अगर कागजों पर जमीन का औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है और दोनों भाई एक ही संयुक्त परिवार (एक ही चूल्हा/रसोई) में रहते हैं, तो पूरे परिवार की तरफ से सिर्फ एक ही भाई को किश्त मिलेगी.

आवेदन करते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

अगर दो लोग एक ही जमीन के आधार पर अलग-अलग लाभ का दावा करना चाहते हैं, तो कुछ mandatory शर्तें पूरी होना बेहद जरूरी है:

  • भू-अभिलेख (खतौनी) में दोनों के नाम अलग-अलग हिस्सेदार के रूप में स्पष्ट दर्ज हों.
  • दोनों आवेदकों का बैंक खाता उनके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और खाते पर DBT (Direct Benefit Transfer) की सुविधा चालू होनी चाहिए.
  • बैंक खाते और आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए. एक छोटी सी गलती भी किश्त रोक सकती है.
  • e-KYC और Land Seeding: आवेदकों का e-KYC पूरा होना अनिवार्य है, साथ ही Land Seeding (भूमि सत्यापन) की प्रक्रिया भी संपन्न होनी चाहिए.

अगर ये सभी दस्तावेज और सत्यापन दुरुस्त हैं, तो एक ही जमीन के दोनों अलग-अलग हिस्सेदारों को योजना की किश्त का पूरा लाभ मिलेगा.

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