PIB Fact Check: अक्सर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा लोगों को स्कैम से अलर्ट रहने के लिए मैसेज या ईमेल भेजे जाते हैं. इनके जरिए ग्राहकों को आगाह किया जाता है कि आप किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचे रहें. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि RBI की ओर से एक लेटर यानि पत्र जारी किया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि आपकी 1 लाख रुपये की लंबित राशि जारी कराने के लिए प्राप्तकर्ता को ₹7,500 का रिफंडेबल टैक्स जमा करना होगा.
हालांकि, आरबीआई द्वारा इस तरह का मैसेज भेजकर ग्राहकों से कभी भी पैसों की मांग नहीं की जाती है. इस वायरल दावे को लेकर PIB Fact Check द्वारा इसकी सच्चाई का पता लगाया गया. चलिए जानते हैं फैक्टचेक में क्या सच्चाई सामने आई है.
फैक्टचेक में बताई ये सच्चाई
PIB द्वारा किए गए Fact Check के मुताबिक सोशल मीडिया पर आरबीआई को लेकर किया जा रहा इस तरह का दावा पूरी तरह से गलत है. यह एक फर्जी दावा है, जो लोगों को भ्रामक जानकारी दे रहा है. PIB के मुताबिक RBI कभी भी आम नागरिकों से अनचाहे फोन कॉल, ईमेल या संदेश के माध्यम से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता है. अगर आप ऐसे किसी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसी के पास शिकायत दर्ज कराएं. केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध या वायरल जानकारी की सत्यता जांचने के लिए उसे PIB Fact Check को भेजें.
⚠️Scam Alert!
🚨 A letter doing rounds on the internet reportedly issued by the Reserve Bank of India (RBI) claims that the recipient must pay a refundable tax amount of ₹7,500 to facilitate the release of a pending amount of ₹1,00,000. #PIBFactCheck:
❌ This letter is… pic.twitter.com/qKfnpQz36Q
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 17, 2026
जरूर बरतें ये सावधानियां
अगर आपके पास भी RBI की ओर से कोई ऐसा मैसेज आया है तो ऐसे में आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए. अगर आपसे किसी तरह की पर्सनल डिटेल या फिर कोई ऐसी जानकारी मांगी गई है, जो आपके खाते से जुड़ी हो तो ऐसे में आपको यह किसी को भी शेयर नहीं करनी चाहिए. किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक से APK फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए.