Maharashtra Onion Stock: देशभर में बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है. वहीं अब खतरा प्याज पर भी मंडरा रहा है. जिसके चलते महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया. लेकिन कहीं न कहीं ये कदम गलत साबित हुआ. प्याज की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए, सरकार ने किसानों से बड़े पैमाने पर प्याज खरीदकर एक बफर स्टॉक बनाया था; लेकिन, अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि महाराष्ट्र के नासिक जिले के लासलगांव में यही सरकारी स्टॉक खराब हो रहा है, इस दौरान प्याज बुरी तरह सड़ गई हैं. जी हाँ! आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लासलगांव-मनमाड रोड पर स्थित CWC वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में प्याज सड़ते हुए पाए गए हैं; बोरियों में कीड़े लग गए हैं और इलाके में बदबू फैल रही है. सड़ते हुए प्याज से रिसने वाला काला, बदबूदार तरल पदार्थ भी काफी समस्याएँ पैदा कर रहा है.
सरकार ने खरीद लिया कितना प्याज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2 लाख टन प्याज का बफ़र स्टॉक बनाने का लक्ष्य रखा था. NAFED और NCCF के माध्यम से 15 मई को खरीद शुरू हुई. केंद्र के मुताबिक, 26 अगस्त तक लगभग 1.21 लाख टन प्याज खरीदा जा चुका था. वहीं महाराष्ट्र में, 4 जुलाई से खरीद दर बढ़ाकर ₹2,125 प्रति क्विंटल कर दी गई थी. खरीदे गए प्याज को नासिक सहित विभिन्न स्थानों पर जमा किया गया था, ताकि कीमतों में उछाल आने पर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उन्हें बाजार में उतारा जा सके.
वेयरहाउस में प्याज के खराब होने की खबर
वहीं सरकार को इतनी भारी मात्रा में प्याज खरीदना काफी भारी पड़ गया. लासलगांव CWC वेयरहाउस में प्याज के खराब होने की खबर ने भंडारण व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है. वहीं इसे लेकर स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कई बोरियों में कीड़े और लार्वा पाए गए हैं, और सड़ते प्याज की बदबू वेयरहाउस के आसपास के इलाके तक फैल गई है. NAFED के एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि बफर स्टॉक का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा खराब हो गया है. हालाँकि, लासलगांव के इस विशिष्ट वेयरहाउस में खराब हुए प्याज की सटीक मात्रा के बारे में आधिकारिक आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए गए हैं.
ऐसे हुई प्याज खराब
वहीं इसे लेकर सवाल उठने लगे कि इतनी भारी मात्रा में प्याज कैसे खराब हुआ. अधिकारियों ने प्याज की खराब गुणवत्ता और इस साल हुई असामान्य बारिश को इसके खराब होने की वजह बताई. हालाँकि, सवाल यह है कि यदि नमी या गुणवत्ता से संबंधित समस्याएं थीं, तो वैज्ञानिक तरीके से सुखाने, ग्रेडिंग करने और स्टॉक के समय-समय पर निरीक्षण के लिए उठाए गए उपाय कितने प्रभावी थे? PSF दिशानिर्देश प्याज जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों के लिए वैज्ञानिक भंडारण, नियमित गुणवत्ता जाँच और खराब स्टॉक के समय पर निपटान पर भी जोर देते हैं.