Income Tax Return 2026: आज यानि 31 अगस्त 2026 को आईटीआर यानी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरि तारीख है. हालांकि, कुछ कैटेगरी में आने वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. हालांकि, ज्यादातर लोगों ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी आईटीआर फाइल कर दी है. लेकिन, कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो बिलकुल आखिरि तारीख के करीब आने के बाद आईटीआर फाइल करते हैं. वहीं, कुछ लोग कैपिटल गेन को बताने में गलती कर देते हैं.
अगर आपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और गोल्ड ETF आदि में पैसे निवेश किए हैं और इससे कोई मुनाफा कमाया है तो ऐसे में इसका ब्यौरा देना भी उतना ही जरूरी माना जाता है. गलत ITR फॉर्म चुनने, कैपिटल गेन को गलत सेक्शन में भरने या फिर खरीद-बिक्री की गलत डिटेल देने से कई बार इनकम टैक्स विभाग से नोटिस भी आ सकता है.
कैसे दें कैपिटल गेन का ब्यौरा?
अगर आप लिस्टेड शेयर या फिर म्यूच्युअल फंड्स से किसी तरह का मुनाफा कमाते हैं तो ऐसे में आपको सरकार को इसका पूरा ब्यौरा देना होगा. अगर आपने किसी शेयर को 12 महीने से ज्यादा समय तक अपने पास रखा है तो ऐसे में यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाएगा. वहीं, अगर आप इसे 12 महीने से पहले बेच देते हैं तो ऐसे में यह शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा. लॉन्ग-टर्म टैक्स (LTCG) पर आपको 12.5 फीसदी का टैक्स देना होगा. हालांकि, पहले फाइनेंशियल ईयर में अगर आपने यह मुनाफा कमाया है तो ऐसे में आपके लिए 1.25 लाख रुपये तक का गेन पूरी तरह से टैक्स फ्री रहेगा. इससे ज्यादा की कमाई पर आपको टैक्स देना होगा. वहीं, शॉर्ट टर्म गेन के लिए आपको 20 फीसदी का टैक्स देना पड़ सकता है.
प्रॉपर्टी से होने वाले मुनाफे पर भी देना होगा टैक्स
अगर आपने किसी फाइनेंशियल ईयर में प्रॉपर्टी बेचकर कोई मुनाफा कमाया है तो ऐसे में आपको इसके लिए भी टैक्स देना होगा. प्रॉपर्टी और गोल्ड पर आपको लॉन्ग टर्म का समय 24 महीने से ज्यादा का मानकर चलना होगा. प्रॉपर्टी पर लॉन्ग टर्म टैक्स आपको 12.5 फीसदी पर देना होगा. वहीं, इसपर शॉर्ट-टर्म टैक्स (STCG) की बात करें तो कुल मुनाफे को आपकी कमाई के साथ जोड़ दिया जाएगा.