IIT Success Story: भारत के एक छोटे शहर से निकलकर हजारों करोड़ रुपये की कंपनी को खड़ा करने तक का सफर सिर्फ सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह अपने फैसलों पर भरोसा रखने और देश में रहकर कुछ बड़ा करने की सोच की मिसाल भी है. IIT बॉम्बे से पढ़े नीरज खंडेलवाल ने उस समय अलग रास्ता चुना, जब उनके सामने विदेश में शानदार करियर बनाने के कई मौके मौजूद थे.
आज नीरज खंडेलवाल CoinDCX के को-फाउंडर के तौर पर भारतीय क्रिप्टो इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम हैं. कंपनी की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब $2.45 बिलियन यानी लगभग 20,000 करोड़ बताई गई है.
सिविल सर्विस की तैयारी से शुरू हुआ नया सफर
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नीरज दिल्ली पहुंचे. उनका शुरुआती लक्ष्य सिविल सर्विस में जाना था. उनका मानना था कि प्रशासनिक सेवा के जरिए देश के विकास में सीधे योगदान दिया जा सकता है. हालांकि, यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी. लेकिन यहीं से उनके करियर ने एक नया मोड़ लिया. नई चीजों को समझने की उनकी जिज्ञासा उन्हें टेक्नोलॉजी और फिर तेजी से उभरते क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर तक ले गई. नीरज ने इस क्षेत्र में भारत के लिए लंबे समय की संभावनाएं देखीं और महसूस किया कि ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए देश को मजबूत घरेलू क्रिप्टो इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी.
विदेश की बड़ी सैलरी छोड़कर भारत को चुना
नीरज की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू उनका करियर से जुड़ा एक फैसला है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था कि अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने करीब 60 लाख सालाना का इंटरनेशनल जॉब ऑफर ठुकरा दिया था. इसके बजाय उन्होंने भारत में काफी कम वेतन पर काम करना चुना. उनका तर्क था कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और जीवन की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में प्रतिभाशाली भारतीयों की भूमिका जरूरी है. विदेश में NRI के तौर पर बिताया गया छोटा समय भी उन्हें वापस भारत लौटने और यहां कुछ सार्थक बनाने की दिशा में ले गया.
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CoinDCX ने बनाई बड़ी पहचान
नीरज ने सह-संस्थापक के रूप में CoinDCX को भारतीय क्रिप्टो बाजार में मजबूत प्लेटफॉर्म बनाने में अहम भूमिका निभाई. कंपनी अब देश के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों में गिनी जाती है. CoinDCX को हाल में अमेरिकी क्रिप्टो कंपनी Coinbase Global से निवेश मिला. इस निवेश के बाद कंपनी की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $2.45 बिलियन, यानी करीब 20,000 करोड़ पहुंच गई. जुलाई 2025 तक कंपनी ने करीब $141 मिलियन का सालाना ग्रुप रेवेन्यू और कस्टडी में $1.2 बिलियन की एसेट्स होने की जानकारी दी थी.
Coinbase के चीफ बिजनेस ऑफिसर शान अग्रवाल के मुताबिक, भारत और उसके पड़ोसी देश भविष्य की ग्लोबल ऑन-चेन इकॉनमी को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. नीरज खंडेलवाल की कहानी बताती है कि बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए हमेशा सबसे बड़ी सैलरी चुनना जरूरी नहीं होता. कभी-कभी अपने विश्वास, देश और लंबे समय के विजन पर दांव लगाना ही करियर का सबसे बड़ा फैसला साबित हो सकता है.