Gold Silver Price Today 9 July 2026: भारत के सर्राफा बाजार में 9 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है.
आज का गोल्ड रेट (Gold Price Today 9 July 2026)
आज देशभर के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है, जो पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 1.18% कम है. एक दिन पहले इसकी कीमत करीब 1,45,600 रुपये प्रति 10 ग्राम थी.
22 कैरेट सोना भी सस्ता हुआ है. इसकी कीमत आज 1,31,803 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि कल यह 1,33,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा था। यानी एक दिन में 1,574 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है.
वहीं, 18 कैरेट सोने का रेट 1,07,917.50 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. कल इसकी कीमत 1,09,206.13 रुपये थी, यानी इसमें 1,288 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है.
चांदी के दाम में भी नरमी (Silver Price Today 9 July 2026)
चांदी की कीमतों में भी घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली है. भारतीय बाजार में चांदी 3.35% टूटकर 2.29 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी में हल्की मजबूती बनी हुई है और यह 58.69 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रही है, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.26% अधिक है.
हाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गई थी, लेकिन अब बाजार में मुनाफावसूली और बदलते वैश्विक संकेतों के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है.
आज का सोने का रेट
| शहर | 24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) |
| दिल्ली | 1,43,650 रुपये | 1,31,680 रुपये |
| मुंबई | 1,44,090 रुपये | 1,31,940 रुपये |
| कोलकाता | 1,44,090 रुपये | 1,32,000 रुपये |
| चेन्नई | 1,44,450 रुपये | 1,32,350 रुपये |
| बेंगलुरु | 1,44,090 रुपये | 1,31,940 रुपये |
| हैदराबाद | 1,44,150 रुपये | 1,32,000 रुपये |
| अहमदाबाद | 1,44,090 रुपये | 1,31,940 रुपये |
क्यों घट रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और ये 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है. तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है.
यदि महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या उनमें बढ़ोतरी कर सकता है. ऐसी स्थिति में निवेशकों का रुझान सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों से हटकर सरकारी बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है. इससे कीमती धातुओं की मांग कमजोर पड़ती है और उनकी कीमतों पर दबाव देखने को मिलता है.