फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने डाबर इंडिया के प्रोडक्ट्स पर 100 प्रतिशत दावे करने के लिए बैन लगा दिया है. फूड रेगुलेटर के अनुसार, ऐसी लेबलिंग कानून के खिलाफ है और इसे गलत विज्ञापन माना जाता है. FSSAI ने कहा कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना किसी वैध FSSAI मंज़ूरी के जैविक भारत लोगो लगा हुआ पाया गया.
सोमवार (04 अगस्त, 2026) को एक पोस्ट में FSSAI ने कहा कि उसने डाबर इंडिया लिमिटेड को गुमराह करने वाले 100 प्रतिशत दावे वाले फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है. इन दावों में 100 प्रतिशत नेचुरल, 100 प्रतिशत प्योर, 100 प्रतिशत प्योरिटी गारंटीड, 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक और अन्य शामिल हैं.
डाबर के किन प्रोडक्ट्स पर बैन लगाया गया है? ये रही पूरी लिस्ट
- शहद
- एप्पल साइडर विनेगर
- वर्जिन कोकोनट ऑयल
- तिल का तेल
- गाय का घी
- नारियल पानी
- नारियल का दूध
FSSAI ने क्या कहा
फूड रेगुलेटर के अनुसार, डाबर इंडिया के 100 प्रतिशत दावे FSS (विज्ञापन और दावे) नियम 2018 का उल्लंघन हैं. उदाहरण देते हुए FSSAI ने बताया कि डाबर होममेड कोकोनट मिल्क प्रोडक्ट का विज्ञापन 100 प्रतिशत शुद्धता के दावे के साथ किया गया था. बयान में कहा गया है कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना किसी वैध FSSAI मंज़ूरी के जैविक भारत लोगो लगा हुआ पाया गया. फ़ूड रेगुलेटर ने कहा कि यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी को पहले भेजे गए नोटिस पर डाबर इंडिया ने कोई कार्रवाई नहीं की. एक बयान में डाबर ने कहा कि वे अपने प्रोडक्ट्स और FSSAI द्वारा चिह्नित प्रोडक्ट्स की सामग्री की जांच कर रहे हैं.
FSSAI की हालिया कार्रवाई
डाबर इंडिया के साथ-साथ, फ़ूड सेफ्टी रेगुलेटर ने डियाजियो की इंडिया यूनिट और इनब्रू बेवरेजेज द्वारा बनाई गई कुछ लोकप्रिय व्हिस्की और रम की बिक्री पर रोक लगा दी है. इन पर आरोप है कि स्वाद और खुशबू पाने के लिए सही एजिंग और सामग्री के बजाय आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग का इस्तेमाल किया गया.
FSSAI ने कहा कि उसने मध्य प्रदेश में बनी लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की और पश्चिमी महाराष्ट्र में बनी मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम सहित डियाजियो की भारतीय सब्सिडियरी के प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है.
मातृ ड्रिंकिंग वॉटर का लाइसेंस हुआ सस्पेंड
फूड रेगुलेटर ने कहा कि यह फैसला तब लिया गया जब जांच में पाया गया कि प्रोडक्ट्स बाहरी आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर की मौजूदगी के कारण घटिया क्वालिटी के थे. FSSAI ने त्रिपुरा स्थित मातृ ड्रिंकिंग वॉटर का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है, क्योंकि पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर में बाहरी पदार्थ पाए गए थे. फ़ूड सेफ्टी कानूनों के उल्लंघन के लिए पंजाब स्थित नोबल हेल्थकेयर के खिलाफ भी रोक का आदेश जारी किया गया. रेगुलेटर ने कहा कि प्रोडक्ट में ऐसी सामग्री है जिसकी लागू नियमों के तहत अनुमति नहीं है. इसके अलावा, विटामिन C की मात्रा (90 mg) ICMR-NIN गाइडलाइंस 2020 के तहत तय रिकमेंडेड डाइटरी अलाउंस (RDA) से अधिक लगती है.