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DA vs DR में क्या होता है अंतर? सरकारी कर्मचारी हैं तो जान लें महंगाई भत्ता और महंगाई राहत एक दूसरे से कितने अलग

दरअसल, हर साल बढ़ने वाली महंगाई को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए समय-समय पर कुछ आर्थिक लाभ देती हैं. देखा जाए तो इन्हें ही DA और DR कहा जाता है. चलिए विस्तार से बताते हैं आपको DA और DR के बीच के अंतर के बारे में.

By: Kunal Mishra | Published: June 30, 2026 4:59:28 PM IST



DA vs DR Difference: अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं तो आपने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) शब्द जरूर सुने होंगे या बोले होंगे. अक्सर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स अपने निजी जीवन में इन दो शब्दों का काफी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, असल में ये होता क्या है. क्योंकि, बहुत से लोगों क  इनके बारे में कोई जानकारी नहीं रहती है. DA और DR में बढ़ोतरी से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियोंऔर लगभग 65 लाख सेवानिवृत्त केंद्रीय पेंशनभोगियों को फायदा होता है. अक्सर सरकार सरकारी कर्मचारियों के DA और DR को बढ़ाती है.

दरअसल, हर साल बढ़ने वाली महंगाई को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए समय-समय पर कुछ आर्थिक लाभ देती हैं. देखा जाए तो इन्हें ही DA और DR कहा जाता है. चलिए विस्तार से बताते हैं आपको DA और DR के बीच के अंतर के बारे में. 

क्या होता है DA (Dearness Allowance) 

DA, केंद्र सरकार और राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का एक हिस्सा होता है. महंगाई भत्ता (DA) वह राशि होती है, जो केंद्र और राज्य सरकार अपने कार्यरत कर्मचारियों को महंगाई की भरपाई के लिए मूल वेतन (Basic Pay) के आधार पर देती है. महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए सरकार द्वारा DA को मार्च की शुरुआत और अक्टूबर में रिवाइज किया जाता है. इसके बाद जनवरी और जुलाई में इसे लागू किया जाता है यानि साल में दो बार इस महंगाई भत्ते को लागू किया जाता है. DA, कर्मचारी की ‘कॉस्ट-टू-कंपनी’ (CTC) का एक हिस्सा होता है. यह हर महीने की सैलरी के तौर पर कर्मचारियों के खाते में जमा की जाती है.  

क्या होता है DR (Dearness Relief) 

दरअसल, DR पेंशनभोगियों को हर महीने सरकार की ओर से दिए जाने वाली पेंशन राशि का का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भी बढ़ते खर्चों को कम करना है. इसलिए सरकार समय-समय पर DA की दरों में संशोधन करती है. आमतौर पर इसका ऐलान साल में दो बार किया जाता है. यह उन सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन पर असर डालता है, जिन्हें सरकार से व्यक्तिगत या पारिवारिक पेंशन मिलती है. आमतौर पर DR में बढ़ोतरी DA के साथ ही घोषित की जाती है. 

DA और DR कैसे तय किए जाते हैं?

सरकार महंगाई की स्थिति का आकलन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index – CPI) के आधार पर करती है. अगर महंगाई में बढ़ोतरी होती है, तो सरकार DA और DR की दरों में संशोधन कर सकती है. केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार इनकी नई दरों की घोषणा करती है, जबकि राज्य सरकारें अपने स्तर पर अलग-अलग समय पर फैसला ले सकती हैं. अधिकांश मामलों में केंद्र सरकार जब DA बढ़ाती है तो उसी प्रतिशत से DR में भी बढ़ोतरी की जाती है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों में यह व्यवस्था अलग हो सकती है और वहां की सरकार अपने नियमों के अनुसार निर्णय लेती है. 

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