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अब गांव में ही बनेगा बच्चों का आधार कार्ड, बड़ों के लिए भी नियम हुआ आसान; जानें कैसे करें अप्लाई?

UIDAI ने गांव के स्तर पर 'बाल आधार' बनाने की सुविधा शुरू की है. अब पंचायत व पोस्ट ऑफिस में ही बच्चों का आधार बनेगा, साथ ही 18+ वालों के लिए भी नियम आसान हुए हैं.

By: Shivani Singh | Published: August 5, 2026 4:32:15 PM IST



भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) देश के कोने-कोने तक आधार सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है. इसी पहल के तहत, कई राज्यों में अब गांव के स्तर पर ही बच्चों का आधार कार्ड (जिसे ‘बाल आधार’ कहा जाता है) बनाने की सुविधा शुरू की जा रही है.

इस व्यवस्था से ग्रामीण परिवारों को अपने बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए शहर भागने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. वे अब ग्राम पंचायत, डाकघर और आधार सेवा केंद्रों के ज़रिए आसानी से यह काम करवा सकेंगे. इसके साथ ही, 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्कों के लिए भी आधार से जुड़ी अपडेट सेवाएं और आसान बनाई जा रही हैं.

5 साल से छोटे बच्चों के लिए अलग है प्रक्रिया

UIDAI के नियमों के मुताबिक, 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किए जाने वाले आधार कार्ड को ‘बाल आधार’ कहा जाता है.

  • बायोमेट्रिक की ज़रूरत नहीं: इस उम्र के बच्चों के फिंगरप्रिंट या आंखों का स्कैन (आइरिस) नहीं लिया जाता.
  • माता-पिता से लिंक: बच्चे की केवल एक तस्वीर ली जाती है और उसका आधार कार्ड माता या पिता में से किसी एक के आधार नंबर से जोड़ दिया जाता है.
  • बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी: जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, तो बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य होता है. इसके बाद, बच्चे के 15 साल के होने पर एक बार फिर बायोमेट्रिक डेटा अपडेट कराना पड़ता है.

बाल आधार के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है:

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): यह सबसे अहम दस्तावेज़ है. अगर यह उपलब्ध न हो, तो अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप या स्कूल का पहचान पत्र (ID Card) भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • माता-पिता का आधार: माता या पिता में से किसी एक का आधार कार्ड होना ज़रूरी है.
  • मोबाइल नंबर: एक सक्रिय (Active) मोबाइल नंबर देना होगा, ताकि ओटीपी (OTP) और भविष्य के अपडेट आसानी से मिल सकें.

गांवों में कैसे बनवाएं बच्चों का आधार कार्ड?

कई राज्यों में अब ग्राम पंचायत भवनों में आधार नामांकन (Enrollment) मशीनें लगाई जा रही हैं. इससे ग्रामीण अपने बच्चों का आधार कार्ड सीधे पंचायत स्तर पर ही बनवा सकते हैं.

डाकघर और डाकिया सेवा: जहां अभी यह सुविधा शुरू नहीं हुई है, वहां नजदीकी डाकघर जाकर नामांकन कराया जा सकता है. इसके अलावा, गांव में डाकिया (Postman) से संपर्क करके या PostInfo ऐप का इस्तेमाल करके भी ‘बाल आधार’ के लिए आवेदन किया जा सकता है.

अगर गांव में ये सुविधाएं मौजूद नहीं हैं, तो पास के आधार सेवा केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), या बैंक व डाकघर में चल रहे आधार केंद्र पर जाकर आवेदन किया जा सकता है.

18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए ज़रूरी अपडेट

UIDAI आधार सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और सुलभ बनाने में जुटा है. 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक अधिकृत आधार सेवा केंद्रों के ज़रिए अपने नाम, पते, मोबाइल नंबर, ईमेल या अन्य ज़रूरी जानकारियों को अपडेट करा सकते हैं.

हालांकि कई सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं, लेकिन यदि आपको बायोमेट्रिक अपडेट (जैसे फोटो, फिंगरप्रिंट या आइरिस) कराना है, तो आधार केंद्र जाना अनिवार्य होगा.

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