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8th Pay Commission: कर्मचारियों को कब मिलेगा एरियर, कितनी बढ़ेगी सैलरी; क्या पेंशन होगी वेतन के बराबर?

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है. ऐसे में कर्मचारियों की एरियर की उम्मीद बढ़ गई है और साथ ही पेंशनभोगियों ने नई मांग उठाई हैं.

By: Shristi S | Published: June 9, 2026 7:54:47 PM IST



8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है. आयोग कि सिफारिशें लोगू होने में भले ही अभी समय लग सकता है, लेकिन माना जा रहा है कि यह देरी कर्मचारियों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है.

अगर सिफारिशें 2027 में लागू होती हैं, तो लाखों कर्मचारियों को कई महीनों का बकाया एरियर एकमुश्त मिल सकता है. वहीं, दूसरी तरफ पेंशनभोगियों ने भई एक बड़ा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में बढ़ोतरी की मांग की गई है. 

15 जून तक सुझाव देने का मौका

आठवें वेतन आयोग ने कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनभोगी समूहों से सुझाव और मांगें मांगने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है. आयोग ने साफ किया है कि इसके बाद कोई और समय नहीं बढ़ाया जाएगा. 

बता दें कि 8वें वेतन आयोग का गठन नंवबर 2025 में किया गया था. आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. ऐसे में इसकी सिफारिशें 2027 के मध्य तक सामने आ सकती हैं. नियम के अनुसार 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने के बाद 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाना चाहिए.

कर्मचारियों को क्यों है एरियर की उम्मीद?

अगर सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अप्रैल 2027 के आसपास लागू करती है, तो कर्मचारियों को जनवरी 2026 से लेकर लागू होने तक का बकाया वेतन यानी एरियर मिल सकता है. इसका मतलब है कि करीब 15 महीने का एरियर एक साथ मिलने की संभावना बन सकती है.

कितना मिल सकता है एरियर?

अब सवाल यह उठता है कि एरियर कितना मिल सकता है, तो कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों को 5 लाख रुपये से लेकर 14 लाख रुपये तक का एरियर मिल सकता है. हालांकि यह पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. इस बार कर्मचारी संगठना 3.68 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं. यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है.

पेंशनभोगियों की नई मांग

सरकारी कर्मचारी यूनियनों और नेशनल काउंसिर जेसीएम की स्टाफ साइड ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले पैनल के सामने उम्र आधारित पेंशन व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है. इसके अनुसार-

  • 65 साल की उम्र में – आखिरी बेसिक सैलरी (LPD) का 70%
  • 70 साल की उम्र में – आखिरी बेसिक सैलरी का 75%
  • 75 साल की उम्र में – आखिरी बेसिक सैलरी का 80%
  • 80 साल की उम्र में – आखिरी बेसिक सैलरी का 85%
  • 85 साल की उम्र में – आखिरी बेसिक सैलरी का 90%
  • 90 साल या उससे ज़्यादा उम्र में – आखिरी बेसिक सैलरी का 100% (यानी, सैलरी के बराबर पेंशन) होनी चाहिए.

क्या पेंशन कभी किसी की सैलरी के बराबर हो सकती है?

आम तौर पर, पेंशन शुरू में नौकरी के दौरान मिलने वाली सैलरी के बराबर नहीं हो सकती, क्योंकि देश का पेंशन सिस्टम कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी के ज़्यादा से ज़्यादा 50% के आधार पर भुगतान तय करता है.

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