नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को देश में पहली बार कॉर्पोरेट बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को शुरू किया है. बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत बॉन्ड ईटीएफ को मंजूरी दी गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि रिटेल निवेशक अब कॉर्पोरेट बॉन्ड खरीद सकेंगे और सरकारी कंपनियों में निवेश कर सकेंगे. भारत बॉन्ड ईटीएफ के जरिए रिटेल निवेशक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और अन्य सरकारी कंपनियों में बॉन्ड के जरिए निवेश कर सकेंगे. भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेशकों को दो तरह का मैच्योरिटी पीरियड का विकल्प मिलेगा- तीन साल और 10 साल. आइए जानते हैं भारत बॉन्ड ईटीएफ के बारे में प्रमुख बातें.

  • भारत बॉन्ड ईटीएफ देश का पहला कॉर्पोरेट बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है, जिसके माध्यम से सरकारी कंपनियों और संस्थानों में पैसा जुटाया जाएगा. इससे करीब एक दर्जन सरकारी उपक्रम और कंपनियां जुड़ी होंगी, जिसमें रेलवे, नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), नाबार्ड, पावरग्रिड जैसी कंपनियां शामिल हैं.
  • भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश के लिए निवेशकों को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह के विकल्प दिए जा रहे हैं. निवेशक 3 साल अथवा 10 साल के मैच्योरिटी पीरियड में से किसी भी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं. इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी पहले से ही निश्चित होगी.
  • भारत बॉन्ड ईटीएफ में AAA- और AA- रेटिंग वाली सेक्योरिटीज को ही शामिल किया जाएगा. यानी कि निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहेगा.
  • भारत बॉन्ड ईटीएफ की बिक्री स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होगी. इन्हें एक्सचेंज पर लिस्ट किया जाएगा. यानी कि भारत बॉन्ड ईटीएफ को खरीदना-बेचना आसान होगा.
  • भारत बॉन्ड ईटीएफ को पूरी तरह छोटे निवेशकों के लिए बनाया गया है. एक बॉन्ड की कीमत 1,000 रुपये तक होगी. यानी कि निवेशक 1,000 रुपये में भी इस बॉन्ड में निवेश कर सकेंगे.
  • भारत बॉन्ड ईटीएफ से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी. बॉन्ड में लोग निवेश करेंगे जिससे सरकारी कंपनियों को फंड मिलेगा. इससे उत्पादकता बढ़ेगी जो कि देश के विकास में मददगार होगा.

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