Thursday, August 11, 2022

ट्रेन में सफर करने वाले व्यक्ति का सामान छूट जाने पर क्या करता है रेलवे ?

नई दिल्ली, रेल यात्र‍ियों की संख्‍या द‍िन पर द‍िन बढ़ रही है. लंबे सफर में तो लोग फ्लाइट या सुपरफास्‍ट ट्रेनों से ही यात्रा करना पंसद करते हैं. कई बार सफर के दौरान यात्री अपना जरूरी सामान जैसे मोबाइल, पर्स, लैपटॉप, चार्जर या लगेज बैग भूल जाते हैं. लेक‍िन शायद ही आपको पता होगा क‍ि रेलवे की तरफ से इन सभी सामानों का क्‍या क‍िया जाता है?

रेलवे से कीमती सामान वापस पा सकते हैं आप

यद‍ि आपको रेलवे का न‍ियम पता हो तो आप ट्रेन में छूटे अपने कीमती सामान को वापस फिर से पा सकते हैं. रेलवे के नियमों के मुताबिक ट्रेनों में छूटे सामान को उनके असल माल‍िक तक पहुंचाने का पूरा प्रोसेस है. आइए जानते है इसके बारें में व‍िस्‍तार से….

गंतव्‍य स्‍टेशन पर होती है ट्रेन की चेक‍िंग

बता दें हर ट्रेन की अपने गंतव्‍य स्‍टेशन पर पहुंचने के बाद खाली गाड़ी की रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी के साथ स्टेशन स्‍टॉफ द्वारा चेक‍िंग की जाती है. इस चेक‍िंग में गाड़ी की सुरक्षा को ध्‍यान रखने के साथ यह भी देखा जाता है क‍ि कहीं क‍िसी यात्री का कोई जरूरी सामान सीट पर रह तो नहीं गया.

स्टेशन मास्टर के पास रहती है चीज

चेक‍िंग के दौरान सामान म‍िलने पर उसे संबंध‍ित स्टेशन मास्टर के पास जमा कर दिया जाता है. इसके अलावा गाड़ी में या स्टेशन पर म‍िली क‍िसी लावारिस वस्तु की एक रसीद बनाकर इसे स्टेशन मास्टर के पास जमा करा दिया जाता है.

रजिस्टर में दर्ज क‍िया जाता है समान

आरपीएफ या अन्‍य रेलवे स्‍टॉफ की तरफ से जमा कराए गए सामान को खोई हुई संपत्ति के रजिस्टर में दर्ज की जाती है. उस वस्‍तु का नाम, वजन, अनुमानित कीमत का रिकॉर्ड रखा जाता है. कोई बक्सा या संदूक म‍िलने पर रेलवे सुरक्षा बल या रेलवे पुलिस की मौजूदगी में उसके सामान की लिस्ट बनाई जाती है. इस ल‍िस्‍ट की तीन कॉपी होती है. पहली कॉपी सामानों के रजिस्टर में दूसरी संदूक में और तीसरी रेलवे सुरक्षा बल के पास दी जाती है. खूले संदूक को सीलबंद कर दिया जाता है.

खोई हुई चीजें लौटाने का प्रोसेस

खोई हुई समान के लिए कोई व्यक्ति संपर्क करता है और उससे स्‍टेशन मास्‍टर पूरी तरह संतुष्टि हो जाती है तो संबंध‍ित सामान उस व्यक्ति को दे द‍िया जाता है. उस व्यकि का पूरा पता खोई हुई समान के रजिस्टर में दर्ज होता है. रेलवे से वस्तु प्राप्‍त करने के बाद उस व्यक्ति का हस्‍ताक्षर भी रज‍िस्‍टर में कराए जाते हैं.

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