नई दिल्ली. वोडाफोन ग्रुप ने मंगलवार को कहा कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के पास अपनी गारंटी और देनदारियों को निपटाने के लिए कैश फ्लो उत्पन्न करने की क्षमता कम हो रही है. सुप्रीम कोर्ट के एजीआर फैसले के बाद कंपनी को लाइसेंस शुल्क का भुगतान करना है वो भी अभी बकाया है. वोडाफोन समूह के सीईओ निक रीड ने वीआईएल की स्थितियों को गंभीर करार दिया है. उन्होंने संकेत दिया कि वोडाफोन भारत में अपना कारोबार खत्म कर सकता है. ऐसे में देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनी के बंद होने की कगार पर पहुंच गई है.

कुछ दिनों पहले ही वोडाफोन आइडिया लिमिटेड पर कर्ज बढ़ने और लगातार नुकसान होने के चलते कंपनी के बंद होने की खबरें आई थीं. हालांकि वोडाफोन इंडिया की ओर से कहा गया कि इसका फैसला वोडाफोन ग्रुप ही करेगा. साथ ही उन्होंने देश में कारोबार बंद करने की खबरों को खारिज कर दिया था. मगर अब वोडाफोन ग्रुप (ग्लोबल) के सीईओ ने खुद माना है कि भारत में सक्रिय वोडाफोन आइडिया लिमिटेड भारी आर्थिक संकट से गुजर रही है.

वोडाफोन सीईओ निक ने बताया कि वोडाफोन की भारत में स्थिति गंभीर है. भारत सरकार इस मुद्दे को समझती है. कंपनी पर अत्यधिक टैक्स के जरिए बोझ पड़ा है और इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी उनके खिलाफ गया है.

उन्होंने बताया कि वीआईएल यानी वोडाफोन आईडिया लिमिटेड के लिए संभावित भविष्य के घटनाक्रमों पर विचार करने के बाद, वोडाफोन समूह ने यह निष्कर्ष निकाला है कि एजीआर के फैसले से संबंधित देनदारियों को निपटाने के लिए अनिश्चितताएं हैं.

वोडाफोन ने सरकार से स्पेक्ट्रम पैकेज, कम लाइसेंस शुल्क और करों पर दो साल की मोहलत और सुप्रीम कोर्ट के मामले में ब्याज और जुर्माने की छूट सहित राहत पैकेज के लिए कहा था. ऐसे में माना जा रहा है कि वोडाफोन को भारत सरकार से राहत नहीं मिलती है तो वह यहां से अपना कारोबार बंद भी कर सकता है.

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