नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई ने बुधवार को स्पष्ट किया कि तकनीकी और अन्य निर्दिष्ट कारणों से विफल होने वाले एटीएम ट्रांजेक्शन पर किसी तरह की पेनल्टी नहीं लगेगी. इसे पांच निशुल्क मासिक एटीएम लेनदेन में शामिल नहीं किया जाएगा. आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, यह हमारे ध्यान में आया है कि लेनदेन जो तकनीकी कारणों से विफल हो गए हैं उनपर अभी ग्राहकों को पेनल्टी देनी पड़ती है. इसमें एटीएम में पैसे की अनुपलब्धता आदि भी शामिल हैं. बैंक के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि लेन-देन जो कि तकनीकी कारणों जैसे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, संचार के मुद्दों पर विफल रहता है, एटीएम में करेंसी नोटों की अनुपलब्धता और अमान्य पिन या वैधता के कारण फेल हुई है आदि को ग्राहक के लिए मान्य एटीएम लेनदेन के रूप में नहीं गिना जाएगा. इन विफल लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा

अधिसूचना में कहा गया है कि, गैर-नकद निकासी लेनदेन (जैसे बैलेंस पूछताछ, चेक बुक अनुरोध, करों का भुगतान, धन हस्तांतरण), जो ‘ऑन-यूएस’ लेनदेन का गठन करते हैं, भी मुफ्त एटीएम लेनदेन की संख्या का हिस्सा नहीं होंगे. दरअसल अभी बैंक द्वारा निर्धारित है कि एटीएम से पांच ट्रांजेक्शन मुफ्त में की जा सकती है. इससे ज्यादा ट्रांजेक्शन पर ग्राहक के अकाउंट से कुछ पैसे काट लिए जाते हैं. पहले इन पांच ट्रांजेक्शन में फेल हुई ट्रांजेक्शन को भी गिना जाता था लेकिन अब आरबीआई ने इसमें केवल वो ट्रांजेक्शन कर दी हैं जिनमें ग्राहक एटीएम से पैसे निकाल पा रहे हैं.

दरअसल अभी बैंक ग्राहकों से एटीएम ट्रांजेक्शन, एसएमएस पर जानकारी की सुविधा और अन्य पर चार्जेस लेती है. ये चार्ज ज्यादातर 500 रुपये से कम ही रहते हैं. एटीएम ट्रांजेक्शन की निर्धारित सीमा पांच है. इससे ज्यादा करने पर ग्राहकों के खाते से कुछ रकम काट ली जाती है. इसमें वो ट्रांजेक्शन भी शामिल होती हैं जो ग्राहक किसी अन्य बैंक के एटीएम से करते हैं. लेकिन अब ग्राहकों को राहत देते हुए आरबीआई ने इसमें कई वो ट्रांजेक्शन शामिल कर दी हैं जो ग्राहकों के लिए काम की नहीं होती.

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