मुंबई. भारत में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सरकारी और प्राइवेट बैंकों को सारे ग्राहकों से बैंक खाता से एनईएफटी और आरटीजीएस के जरिए पैसा भेजने पर फंड ट्रांसफर यानी बैंक ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाने कहा है क्योंकि अब वो फंड ट्रांसफर पर ये फीस नहीं वसूलेगा. आरबीआई हफ्ते भर के अंदर बैंकों को एनईएफटी और आरटीजीएस को ट्रांजैक्शन चार्ज फ्री करने का सर्कुलर जारी कर देगा. रिजर्व बैंक ने एनईएफटी और आरटीजीएस पर शुल्क हटा दिया है लेकिन तुरंत ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सर्विस आईएमपीएस के ट्रांजैक्शन चार्ज को नहीं बदला है यानी आईएमपीएस पर ट्रांजैक्शन फी लगता रहेगा. एटीएम से पैसा निकालने की संख्या की फ्री लिमिट और लिमिट के बाद लगने वाले चार्ज की समीक्षा के लिए आरबीआई ने एक कमिटी का गठन किया है जिसे दो महीने में अपनी सिफारिश सौंपने कहा गया है. रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को .25 प्वाइंट कम करके 5.75 परसेंट कर दिया है जो पिछले 9 साल में सबसे कम रेपो रेट हैं. बाजार में पैसे का प्रवाह बढ़ाने के मकसद से घटाए गए इस रेट से होम, कार लोन सस्ते हो सकते हैं.

  1. NEFT और RTGS पर कौन वसूलता था चार्ज, कितना फंड ट्रांसफर कर सकते हैं RBI Bank NEFT RTGS Transaction Charge Rate
  2. बैंक एनईएफटी और आरटीजीएस फंड ट्रांसफर पर कितना ट्रांजैक्शन चार्ज वसूलते थे Bank NEFT RTGS Transaction Charges
  3. RBI ने बैंक फंड ट्रांसफर में IMPS पर ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं बदला RBI Bank IMPS Transaction Charge

NEFT और RTGS पर कौन वसूलता था चार्ज, कितना फंड ट्रांसफर कर सकते हैं RBI Bank NEFT RTGS Transaction Charge Rate

रिजर्व बैंक अब तक पैसों के लेन-देन की उसके मातहत चलने वाली व्यवस्था एनईएफटी यानी National Electronic Funds Transfer (NEFT) और आरटीजीएस यानी Real Time Gross Settlement System (RTGS) पर बैंकों से अलग-अलग वैल्यू के ट्रांजैक्शन पर अलग-अलग चार्ज वसूलता था जो बैंक सीधे तौर पर ग्राहकों से वसूलते थे. रिजर्व बैंक ने फैसला किया है कि अब वो एनईएफटी और आरटीजीएस पर कोई चार्ज नहीं वसूलेगा और बैंक इस चार्ज के बचत का फायदा ग्राहकों को देंगे. एनईएफटी के तहत 2 लाख रुपए तक के फंड ट्रांसफर होते हैं जबकि आरटीजीएस के तहत 2 लाख से 10 लाख तक की लेन-देन होती है. एनईएफटी और आरटीजीएस के तहत एक बैंकिंग डे में भेजा गया पैसा उसी बैंकिंग डे में दूसरे खाते में पहुंच जाता है. बैंकिंक डे के बाद के ट्रांसफर अगले दिन खाते में जाते हैं. वहीं आईएमपीएस के तहत पैसा मिनटों में दूसरे खाते में चला जाता है.

बैंक एनईएफटी और आरटीजीएस फंड ट्रांसफर पर कितना ट्रांजैक्शन चार्ज वसूलते थे Bank NEFT RTGS Transaction Charges

आम तौर पर 2 लाख तक का फंड ट्रांसफर एनईएफटी के जरिए और 2 लाख से ऊपर का ट्रांसफर आरटीजीएस के जरिए होता है. अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट बैंक एनईएफटी और आरटीजीएस पर अलग-अलग तरीके से फंड ट्रांसफर का ट्रांजैक्शन चार्ज वसूलते थे. जैसे State Bank of India NEFT फंड ट्रांसफर पर 10 हजार तक 2.50 रुपए, 10 हजार से एक लाख तक 5 रुपए, 1 लाख से 2 लाख तक 15 रुपए और 2 लाख से ऊपर के एनईएफटी पर 25 रुपए और उस पर जीएसटी वसूलता था.

SBI RTGS फंड ट्रांसफर में 2 लाख से 5 लाख तक के पैसे के लेन-देन पर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक 25 रुपया, दोपहर 12 बजे से शाम 3.30 बजे तक 26 रुपया और शाम 3.30 से 4.30 बजे तक 31 रुपया वसूलता था. 5 लाख से ऊपर के आरटीजीएस पर स्टेट बैंक इस तीन टाइम सेगमेंट में क्रमशः 51, 52 और 56 रुपए चार्ज करता था. आईसीआईसीआई बैंक एनईएफटी में 10 हजार तक 2.50 रुपए, 10 हजार से 1 लाख तक 5 रुपए, 1 से 2 लाख तक 15 रुपए चार्ज करता था. ICICI Bank RTGS में 2 लाख से 5 लाख तक 25 हजार और 5 से 10 लाख तक 50 रुपए ट्रांजैक्शन चार्ज वसूलता था.

RBI ने बैंक फंड ट्रांसफर में IMPS पर ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं बदला RBI Bank IMPS Transaction Charge

नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिग का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग आजकल आईएमपीएस यानी Immediate Payment Service (IMPS) सेवा का इस्तेमाल करते हैं जिसके जरिए एक बटन दबाते ही दूसरे खाते में पैसा मिनटों में पहुंच जाता है. एनईएफटी और आरटीजीएस के जरिए पैसा पहुंचने में थोड़ा सा वक्त लगा सकता है लेकिन वो उसी दिन दूसरे खाते में पहुंच जाता है अगर वो बैंकिंग टाइम में ट्रांसफर कर दिया गया हो. इसलिए आजकल बैंक ग्राहक एनईएफटी और आरटीजीएस से ज्यादा आईएमपीएस करते हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एसबीआई आईएमपीएस पर 1000 रुपए तक कोई चार्ज नहीं लगाता, 1 हजार से 10 हजार तक 2 रुपए, 10 हजार से एक लाख तक 2 रुपया और 1 लाख से 2 लाख तक 3 रुपया चार्ज करता है. वहीं आईसीआईसीआई बैंक आईएमपीएस में 1 लाख रुपए तक 5 रुपया और 1 लाख से 2 लाख तक के आईएमपीएस पर 15 रुपया चार्ज करता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App