नई दिल्ली/मुंबई. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आर्थिक संकट से जूझ रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (PMC) बैंक के ग्राहकों को बड़ी राहत दी है. आरबीआई ने पीएमसी बैंक से कैश निकासी की राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है. इसके बाद पीएमसी बैंक के 70 प्रतिशत खाताधारक अपने अकाउंट से पूरा पैसा निकाल सकेंगे. पीएमसी बैंक के एनपीए में बढ़ोतरी होने के बाद पिछले महीने आरबीआई ने प्रतिबंध लगा दिया था और 6 महीने तक बैंक अकाउंट से 1,000 रुपये से ज्यादा की राशि की निकासी पर रोक लगा दी थी. इसके चार दिन बाद ही नगद निकासी की सीमा को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये तक कर दिया गया था. अब रिजर्व बैंक ने एक बार फिर पीएमसी बैंक से नगद निकासी की सीमा 25,000 रुपये तक बढ़ा दी है.

इसी बीच खबर आई थी कि पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक ने रियल एस्टेट की एचडीआईएल कंपनी को 2500 करोड़ रुपये का लोन दिया था. कंपनी बैंक लोन को चुकाने में असफल रही जिससे उसका पूरा भार खाताधारकों पर आ गया और बैंक का एनपीए भी दोगुने से ज्यादा हो गया. इसी के चलते आरबीआई ने सख्ती अपनाई और 6 महीने तक पीएमसी बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया.

हालांकि इस प्रतिबंध के बाद पीएमसी बैंक के ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बैंक के खाताधारकों ने पीएमसी बैंक के चेयरमैन समेत 14 लोगों पर केस भी दर्ज कराया. भले ही आरबीआई ने कैश निकासी की लिमिट बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है लेकिन अभी भी 30 फीसदी ग्राहकों का पैसा बैंक में ही अटका है. फिलहाल अगले साढ़े पांच महीनों तक उन्हें राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीएमसी बैंक पूरी तरह दिवालिया होने की कगार पर नहीं पहुंचा है. आरबीआई ने जो प्रतिबंध लगाया है उससे बैंक की माली हालत में सुधार आएगा और 6 महीने बाद स्थिति ठीक हो जाएगी. हालांकि इसके लिए बैंक के खाताधारकों को परेशानी जरूर उठानी पड़ेगी.

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