नई दिल्ली. बैंकों के विलय के बाद अब नरेंद्र मोदी सरकार तीन सरकारी बीमा कंपनियों का विलय करने जा रही है. नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और ओरिएंटल इंश्योरेंस लिमिटेड कंपनी की आर्थिक हालत कुछ ठीक नहीं है. केंद्र इन तीनों बीमा कंपनियों का विलय करने का फैसला लिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश की तीनों प्रमुख सरकारी बीमा कंपनियों की आर्थिक स्थिति कमजोर है. ये तीनों सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हैं. तीनों कंपनियों ने सरकार से आर्थिक मदद मांगी थी. ताकि वह कैसे और किस प्रकार आगे बढ़ सके.

केंद्र सरकार ने पिछले साल के बजट में इस बारे में घोषणा की थी. अब सरकार तीनों बीमा कंपनियों का विलय करने की ओर बढ़ रही है. बीमा कंपनियों की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार काफी गंभीर नजर आ रही है.

अगस्त में हुआ था 10 बैंकों का विलय-
इसी साल अगस्त महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 बड़े सरकारी बैंकों का विलय करने की घोषणा की थी. बैंकिंग सेक्टर में तेजी लाने और बैंकों के आर्थिक संकट से उभरने के लिए यह फैसला लिया गया था.

उस दौरान पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक का विलय हुआ. इसके अलावा केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी विलय किया. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय हुआ और इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय हुआ था.

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