नई दिल्ली. कोरोना एक ऐसा वायरस जिसने पूरे विश्व को घुटनों पर ला दिया था. जिसके चलते कई देशों की अर्थव्यवस्था को भारी नुक्सान झेलना पड़ा था. नतीजतन भारत सहित तमाम देशों की GDP 2021 बेहद नीचे लुढ़क आई थी. इसी बीच बीते दिनों ADB (एशियाई विकास बैंक) ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश के आर्थिक विकास 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. लेकिन ताज़ा आंकड़ों की बात करें तो अब ADB ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान दर घटाकर 10 फीसदी कर दिया है.

कोरोना की दूसरी लहर का इकोनॉमी पर असर

ADB ने भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर से हुए नुकसान के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए देश के आर्थिक विकास दर (India’s GDP) का अनुमान 11 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया. बता दें कि इससे पहले बीत दिनों ADB ने भारत की जीडीपी ग्रोथ 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. जिसके बाद ADB ने आज अपने लेटेस्‍ट इकोनॉमिक आउटलुक में कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत के ग्रोथ आउटलुक संशोधित किया गया है.

इस साल मई में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के कारण ऐसा किया गया. ADB ने कहा कि हालांकि संक्रमण अनुमान के मुकाबले अधिक तेजी से काबू में आ गया, जिसके चलते कई राज्यों ने लॉकडाउन में ढील दी गई और हालात तेजी से सामान्य हुए.

GDP ग्रोथ बेहतर करने में निर्यात की होगी अहम भूमिका

अर्थव्यवस्था विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय इकोनॉमी में कंजम्‍प्‍शन धीरे-धीरे बढ़ेगा. सरकारी खर्च और एक्‍सपोर्ट वित्‍त वर्ष 2021 में ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे, जैसा कि पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान देखने को मिला था.

रीजन के बारे में रिपोर्ट का कहना है कि पूरी साउथ एशिया में ग्रोथ आउटलुक अलग-अलग होगा. साउथ एशिया में अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्‍तान और श्रीलंका शामिल है. वहीं पिछले साल के मुकाबले इस साल इस रीजन में ग्रोथ धीमी रहेगी. हालांकि, अगले साल से इसके रफ्तार पकड़ने की उम्‍मीद है.

 

यह भी पढ़ें :

Aquila Resturant Viral Video : दि्ल्ली में साड़ी पहनी महिला को रेस्तरां में घुसने से रोका, वीडियो वायरल

UPES Placement 2020-21: यूपीईएस 2020-21 की प्लेसमेंट संपन्न, इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के 100 फीसदी विद्यार्थियों को मिली नौकरी

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर