EPFO Sets UP Online System For EPF: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत ईपीएफ खातों में नियोक्ता और कर्मचारी के अंशदान को सरकार के खाते में जमा कराए जाने की व्यवस्था कर ली है. नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना वायरस के चलते कारोबारी इकाइयों की मुश्किलों और रोजगार बचाने की चुनौती को देखते हुए यह योजना घोषित की है. इस योजना के तहत तीन माह तक ईपीएफ खातों में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के हिस्से का अंशदान सरकार अपने पास जमा करेगी.

श्रम मंत्रालय का अनुमान है कि इससे करीब 79 लाख कर्मचारियों और 3.8 लाख नियोक्ताओं को लाभ मिलेगा. केंद्र सराकर को इसके लिए करीब 4800 करोड़ रुपए का खर्च करना पड़ेगा. श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईपीएफओ ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 26 मार्च को घोषित पैकेज के अनुसार अपने अंशधारकों के कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी पेंशन योजना खातों में धन जमा कराने के लिए ऑनलाइन सिस्टम की व्यवस्था की है.

मंत्रालय ने कहा कि यह पैकेज करीबों को कोरोना महामारी का मुकाबला करने में मदद के लिए घोषित किया गया है. पात्र संगठन और प्रतिष्ठन एक चालान सह विवरण भर कर इस राहत के लिए दवा कर सकते हैं. इस चालान के हिसाब से ही कर्मचारी के ईपीएफ और ईपीएश खातों में कर्मचारी और नियोक्ता के कुल अंशदान के बराबर भुगतान सरकारी की ओर से संबंधित कर्मचारी के यूएएन नंबर पर हस्तांतरित किया जाएगा. यह राहत सिर्फ तीन महीने के लिए सरकार की तरफ से मिलेगी.

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत राहत पैकेज को कर्मचारियों तक पहुंचाने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय ने योजना के लक्ष्य, योग्यता, वैधता और प्रक्रिया की जानकारी देने वाली अधिसूचना डारी की थी. ई- चालान सह विवरण जमा हो जाने और नियोक्ता एंव कर्मचारी की योग्यता का सत्यापन कर लिए जाने के बाद चालान नियोक्ता और कर्मचारी के अंशदान को अलग-अलग दिखाएगा. बाद में यह राशि कर्मचारी के भविष्य निधि और पेंशन योजना खाते में सीधे जमा कर दी जाएगी.

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