नई दिल्ली. मोदी सरकार अपनी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए अब भिखारियों का सहारा लेने की तैयारी कर रही है. इसके लिए रणनीति लगभग तैयार हो गई है. इन भिखारियों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा. केंद्र सरकार स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ समेत तमाम ऐसे कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ट्रेनों में गाने वाले भिखारियों का सहारा लेगी.

सरकार ऐसे 3000 भिखारियों को ट्रेनिंग देने वाली है, जो अहम शहरों की लोकल ट्रेनों में सरकार की अहम योजनाओं का यशगान करेंगे. इसका मकसद इन ट्रेनों में रोजाना सफर करने वालों के बीच इन कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता और लोकप्रियता बढ़ाना है. इस प्रॉजेक्ट की जिम्मेदारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय का सॉन्ग एंड ड्रामा डिवीजन संभाल रहा है और ऑल इंडिया रेडियो को इस प्रॉजेक्ट के लिए पूरा अभियान तैयार करने को कहा गया है, जिसमें भिखारियों की ट्रेनिंग भी शामिल है. 

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रॉजेक्ट अगले महीने मुंबई में शुरू होगा और इसे अलग-अलग चरणों में बाकी शहरों में भी शुरू किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया कि हमारी फील्ड पब्लिसिटी रिपोर्ट बताती है कि मुंबई की लोकल ट्रेनों में इस तरह के भिखारियों की संख्या काफी ज्यादा है और कई ऐसे भिखारी हैं, जिनका पूरा परिवार गाने गाकर भीख मांगता है. इनमें से कई तो अनुभवी गायक हैं. हम इसे रोजी-रोटी के मौके की तरह भी देख रहे हैं. 

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