नई दिल्ली. लेह में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरण रिजिजू के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट में जगह बनाने के लिए तीन यात्रियों को विमान से उतार दिया गया. इसके बाद उनकी खूब आलोचना हुई और आख़िरकार अब उन्होंने इसके लिए माफ़ी मांग ली है. 

इन तीन यात्रियों में एक बच्चा भी शामिल था, जिनके टिकट पहले से बुक थे. ये विमान में बैठ चुके थे और मंत्री जी और उनके पीए के लिए उन्हें उतारकर जगह बनाई गई. इसके लिए एयर इंडिया की उड़ान एक घंटे की देरी से उड़ी. किरण रीजिजू, उनके पीए सोनम और जम्मू-कश्मीर के उप-मुख्यमंत्री निर्मल सिंह की वजह से प्लेन में बैठे तीन पैसेंजर को नीचे उतार दिया गया.

जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो किरण रिजिजू ने फ्लाइट में मुसाफिरों को हुई परेशानी के लिए चैनल के कैमरों के सामने माफ़ी मांगी. उन्होंने कहा कि मैं कानून का पालन करने में यकीन रखता हूं. इस पूरे मामले पर मुझे अफसोस है और आगे ऐसा नहीं होगा.  मुझे मामले की जानकारी नहीं थी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने हाल के दिनों में वीआईपी यात्राओं के कारण एयर इंडिया की उड़ानों में देरी पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है.

प्लेन को करीब 1 घंटे तक रोक कर रखा गया
भारतीय वायुसेना की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 24 जून को निर्देश दिया गया था कि ‘एक वीआईपी को विमान में चढ़ाने के लिए लेह से दिल्ली की फ्लाइट संख्या AI-446 को देर से उड़ाया जाए. उधर, इस बारे में जब एयर इंडिया के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा. लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि एयर लाइन ने तर्क दिया है कि जब प्लेन में पैसेंजर फुल हो जाते हैं तो प्लेन का दरवाजा बंद करके प्लेन फ्लाई करवाया जा सकता है, लेकिन यहां न सिर्फ प्लेन को करीब 1 घंटे तक रोका गया, बल्कि तीन यात्रियों को उतारकर इन तीनों को एडजस्ट किया गया.

यह घटना 24 जून की है. उड़ान भरने के लिए विमान के दरवाजे बंद हो चुके थे, लेकिन इसने तय समय पर उड़ान नहीं भरी. दरअसल, लद्दाख में मौसम के चलते फ्लाइट का दोपहर बाद न टेक ऑफ हो पाता है और न ही उतर पाता है. इस लिए सारी फ्लाइट्स अक्सर सुबह ही आवाजाही करती हैं.

एजेंसी इनपुट भी 

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