Home > बिहार > कई पार्टियों को दिलाई जीत, लेकिन खुद की पार्टी को नहीं दिला पाए एक भी सीट; क्या बांकीपुर उपचुनाव में मिलेगी जीत?

कई पार्टियों को दिलाई जीत, लेकिन खुद की पार्टी को नहीं दिला पाए एक भी सीट; क्या बांकीपुर उपचुनाव में मिलेगी जीत?

Prashant Kishor Political Career: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे कल यानी 3 अगस्त, 2026 को आएंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि प्रशांत किशोर कौन हैं.

By: Sohail Rahman | Last Updated: August 2, 2026 2:26:44 PM IST



Prashant Kishor Profile: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर वोटिंग हो चुके हैं. बिहार की इस हाई प्रोफाइल सीट पर जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस महामुकाबले में प्रशांत किशोर चुनावी परीक्षा पास कर पाएंगे या नहीं. इसके अलावा, आज की इस स्टोरी में जानने का प्रयास करेंगे कि प्रशांत किशोर कौन हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कैस की? आज हम इन्हीं सब सवालों के जवाब जानने का प्रयास करेंगे.

एक दशक से ज्यादा समय तक प्रशांत किशोर भारत के पर्दे के पीछे के जादूगर रहे, एक ऐसे पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट जिन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर नीतीश कुमार और ममता बनर्जी जैसे ताकतवर क्षेत्रीय नेताओं तक सभी भरोसा करते थे.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज को नहीं मिली एक भी सीट

जब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज ने लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली पार्टी को एक भी सीट में जीत नहीं मिली. इसके बाद प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमाई है और खुद चुनावी मैदान में उतर गए हैं. ऐसे में कल रिजल्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि प्रशांत किशोर का जादू चलता है या नहीं.

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जन सुराज को पहले चुनाव में मिली करारी हार

प्रशांत किशोन ने जन सुराज की शुरुआत एक डेटा-आधारित पॉलिटिकल स्टार्ट-अप के अंदाज में की और भारत के सबसे गरीब और तीसरी सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य बिहार में ठहराव के चक्र को तोड़ने का वादा किया. उन्होंने दो साल तक पूरे राज्य में पदयात्रा की, एक बेहतरीन संगठन बनाया और लगभग सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे. मीडिया में उनकी काफी चर्चा थी, लेकिन ‘जन सुराज’ एक भी सीट नहीं जीत पाया और उसे बहुत कम वोट मिले, जबकि मोदी के नेतृत्व वाले BJP गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की.

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