बिहार में चीनी और एथनाल उत्पादकों के लिए अच्छी खबर है. राज्य में इस क्षेत्र में निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार शनिवार और रविवार को पुणे के दौरे पर रहे.
वहां उन्होंने वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट का दौरा किया और गन्ने की आधुनिक खेती व उच्च उत्पादकता वाली प्रजातियों से अवगत हुए. साथ ही संजय कुमार ने दौंड शुगर मिल का भी भ्रमण किया और चीनी के अधिकतम उत्पादन और गन्ना उद्योग से अधिकतम लाभ की तरकीब को जाना-समझा. इस बीच उन्होंने निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ बैठक भी की और उन्हें बिहार में गन्ना उद्योग क्षेत्र में असीम अवसर से अवगत कराया.
बिहार में गन्ना क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश
गन्ना उद्योग विभाग का का कहना है कि संजय कुमार के साथ हुई बैठक में निवेशकों ने बिहार में गन्ना उद्योग, एथेनाल, बायो-सीएनजी तथा अन्य कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की दिशा में सकारात्मक रुचि व्यक्त की है. संजय कुमार के इस दौरे का उद्देश्य बिहार में गन्ना उद्योग के आधुनिकीकरण, एथेनाल एवं जैव-ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार करना है. साथ ही वो कृषि आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करने तथा किसानों की आय में वृद्धि हेतु नवीन संभावनाओं का अध्ययन एवं निवेशकों के साथ संवाद स्थापित करने का भी प्रयास कर रहे हैं.
निवेशक, मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक
जानकारी के अनुसार पुणे स्थित रेजिडेंसी क्लब में तिरहुत उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और सिग्मा सोलिशन्स एलएलपी के सहयोग से निवेशकों एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में बिहार में चीनी परिसरों की स्थापना, एथेनाल उत्पादन, बायो-सीएनजी, को-जनरेशन, बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन, आधुनिक गुड़ उद्योग, टिश्यू कल्चर पौधशालाओं तथा कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई. मंत्री ने निवेशकों को बिहार में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया.