Bihar Cabinet Decisions: बिहार की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में बुधवार (06 मई, 2026) को कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले लिए गए. बिहार कैबिनेट की बैठक में तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन को बेहतर बनाने समेत कुल 20 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. सबसे अहम निर्णय यह है कि बिहार में नगर निकाय चुनावों में अब इलेक्ट्रॉनिक मतदान यानी ई-वोटिंग होगी. राज्य कैबिनेट से बक्सर, सारण और वैशाली में कटाव निरोधक कार्यों के लिए 175 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई है. दरअसल, बिहार में कैबिनेट विस्तार से एक दिन पहले पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की इस अहम बैठक में ये निर्णय लिए गए.
एआई मिशन को मंजूरी
कैबिनेट विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि बिहार सरकार ने राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए ‘बिहार एआई मिशन’ गठित हुआ है. इसके तहत जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अफसरों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.
बदला सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नाम
कैबिनेट की बैठक में सीतामढ़ी में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर ‘मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल’ कर दिया गया है. यहां पर बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकी नवमी पर सीतामढ़ी में खुद इसकी घोषणा की थी. यहां पर बता दें कि मिथिला क्षेत्र में स्थित सीतामढ़ी को मां सीता की जन्मभूमि माना जाता है.
निकाय चुनाव में ई वोटिंग
बिहार में नगर निकाय चुनावों में अब ई वोटिंग हो सकेगी. इसके फैसला सम्राट कैबिनेट में लिया गया है. इसका फायदा यह होगा कि समय और संसाधन के अलावा फंड की भी बचत होगी. दरअसल, बिहार में होने वाले नगरपालिका चुनाव 2026 में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और बाहर रहने वाले मतदाताओं को सुविधा देने के लिए यह निर्णय लिया गया है. इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक मतदान (ई-वोटिंग) की व्यवस्था लागू होगी. इस पर यानी इस योजना पर करीब 31.45 लाख रुपये खर्च होंगे. सरकार का मानना है कि इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनेगी।
400 एसी बसों की सौगात
बिहार की राजधानी पटना में वायु प्रदूषण की स्थिति गहराती जा रही है. ऐसे में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राज्य भर में 400 इलेक्ट्रॉनिक एसी बस चलाई जाएंगी. कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक पटना में 150 और मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, दरभंगा और पूर्णिया में 50-50 बसों का संचालन होगा. मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना को 12 सालों तक लागू किया जाएगा.