Aurangabad news: औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क हादसे में साइकिल से काम पर जा रहे एक राजमिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई. तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया और चालक फरार हो गया, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई.
सुबह का सफर बना जिंदगी का आखिरी सफर
यह हादसा बारुण से डेहरी ऑन सोन को जोड़ने वाले गैमन पुल पर हुआ, जहां रोज की तरह काम पर जा रहे एक मजदूर की जिंदगी अचानक खत्म हो गई. सुबह का सामान्य दिन कुछ ही पलों में दर्दनाक त्रासदी में बदल गया.
मृतक की पहचान बारुण थाना क्षेत्र के बर्डी खुर्द गांव निवासी 55 वर्षीय हीरालाल राम के रूप में हुई है. हादसा इतना गंभीर था कि टक्कर लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई और आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई.
अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, चालक फरार
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हीरालाल राम साइकिल से डेहरी स्थित निर्माण स्थल पर काम करने जा रहे थे. जैसे ही वे गैमन पुल पर पहुंचे, एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, जिससे आक्रोश और भी बढ़ गया.
सूचना मिलते ही पहुंची एंबुलेंस और पुलिस
हादसे की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव को सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए परिजनों का बयान दर्ज किया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया. परिजनों के अनुसार, हीरालाल राम रोजाना साइकिल से काम पर जाते थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. वह अपने पीछेतीन बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं.
अधूरे रह गए सपने और जिम्मेदारियां
परिवार ने बताया कि हीरालाल राम ने अपने बड़े बच्चों की शादी कर दी थी और अब सबसे छोटे बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे. लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया, जिससे परिवार की सारी योजनाएं अधूरी रह गईं.
ग्रामीणों के अनुसार, हीरालाल राम एक मेहनती, ईमानदार और कुशल राजमिस्त्री थे. क्षेत्र में भवन निर्माण कार्यों के लिए उनकी अच्छी पहचान थी. उनकी असामयिक मृत्यु से पूरे गांव में गहरा दुख है और लोग इसे अपूरणीय क्षति मान रहे हैं. घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिल सके.
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