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Bihar: ऐसा क्या करता था डेहरी नगर परिषद का अधिकारी; ड्राइवर ने ही कर दी हत्या, पुलिस का बड़ा खुलासा

Aurangabad News: चालक ने पुलिस को डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या की वजह भी बताई. हत्या करने का तरीका और हत्याकांड को लूट में हुई हत्या और दुर्घटना करार देने के लिए खुद के द्वारा किये गये प्रयास के बारे में भी पुलिस को सारी जानकारी दी.

By: Hasnain Alam | Published: August 2, 2026 9:32:24 PM IST



Bihar News: बिहार के रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की औरंगाबाद के बारूण थाना क्षेत्र में शनिवार की देर रात हुई हत्या के मामले का पुलिस ने 12 घंटे के अंदर ही खुलासा कर दिया है. हत्याकांड को किसी अपराधी ने नही बल्कि कार्यपालक पदाधिकारी के वाहन चालक ने ही अंजाम दिया था. मामले में पुलिस चालक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुटी है. यह जानकारी मगध प्रक्षेत्र, गयाजी के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने दी.

हत्याकांड की जांच करने रविवार को औरंगाबाद आये मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने बताया कि मामले में कार्यपालक पदाधिकारी के चालक मिथिलेश घटना को लेकर बार-बार बयान बदल रहा था. पहले उसने पुलिस को बताया कि दो अपाची बाइक पर सवार अपराधियों ने हत्या की है. फिर एक अपाची बाइक की बात की. इसके बाद दुर्घटना बताया. इन बयानों से पुलिस को चालक पर संदेह हुआ.

संदेह होने पर कड़ाई से पूछताछ में हुआ हत्याकांड का खुलासा

संदेह होने पर पुलिस ने जब चालक के प्रति थोड़ी सख्ती बरती. इसके बाद उसने हत्याकांड का खुलासा कर दिया. चालक ने पुलिस को हत्या की वजह भी बताई. हत्या करने का तरीका और हत्याकांड को लूट में हुई हत्या और दुर्घटना करार देने के लिए खुद के द्वारा किये गये प्रयास के बारे में भी पुलिस को सारी जानकारी दी.

अत्यधिक ड्यूटी लेने से परेशान था चालक, इसी कारण की हत्या

चालक ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उससे कार्यपालक पदाधिकारी लगातार अत्यधिक ड्यूटी ले रहे थे. इस कारण वह बेहद परेशान और तनाव में रह रहा था. इसे लेकर कई बार उसकी कार्यपालक पदाधिकारी से बहस हो चुकी थी. शनिवार को भी अत्यधिक ड्यूटी लेने को लेकर कार्यपालक पदाधिकारी से बहस हुई थी.

इसके बाद उसे शनिवार की रात कार्यपालक पदाधिकारी ने पटना चलने को कहा. बे-मन से वह कार्यपालक पदाधिकारी को लेकर पटना के लिए चला लेकिन उसके मन में कार्यपालक पदाधिकारी से निपट लेने का भाव घर कर गया था. इसी वजह से तनाव में उसने हत्या कर दी.

चालक ने कैसे दिया वारदात को अंजाम

चालक ने पुलिस को बताया कि पटना जाने के दौरान नहर के रास्ते में उसने सुनसान जगह देखकर पेशाब करने के बहाने गाड़ी रोकी. हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी उसे गाड़ी रोकने से मना कर रहे थे. इसके बावजूद उसने गाड़ी रोकी. गाड़ी रोकने के बाद वह नहर किनारे कुछ देर पेशाब करने के बहाने खड़ा रहा. इसके बाद गाड़ी के पीछे से रॉड निकाला और रॉड के प्रहार से कार्यपालक पदाधिकारी को लहुलूहान कर दिया और रॉड को नहर में फेंक दिया.

बाद में उसने गाड़ी को एक्सिडेंट का रूप देने के लिए नहर के पास वाहन को ढ़लाकर थोड़ी चोट भी पहुंचा दी, ताकि मामले को दुर्घटना और लूट में हुई हत्या दोनों का रंग दिया जा सके. इतना कुछ करने के बाद उसने नगर परिषद के कुछ कर्मियों को अपाची बाइक सवार अपराधियों द्वारा हमले की जानकारी दी. रॉड से हमला करने के बाद चालक इत्मीनान था कि कार्यपालक पदाधिकारी बचने वाले नही है. इसी वजह से वह घायल कार्यपालक पदाधिकारी को साथ लेकर इलाज के लिए अस्पताल भी आया, जहां चिकित्सको ने उन्हे मृत घोषित कर दिया.

गोताखोरों के सहारे नहर से मर्डर वैपन का तलाश करा रही पुलिस

आईजी विकास वैभव ने बताया कि पुलिस गोताखोरों का सहयोग लेकर घटनास्थल पर नहर से मर्डर वैपन का तलाश करा रही है. पुलिस शीघ्र ही मर्डर वैपन बरामद कर लेगी. मामले में पुलिस का आगे का अनुसंधान और कार्रवाई जारी है.

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय 

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