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Aurangabad Court: हत्या के प्रयास में चार दोषियों को पांच-पांच साल की सजा, 26 साल पुराने मामले में आया फैसला

Aurangabad Court : औरंगाबाद अदालत ने हत्या के प्रयास मामले में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराकर पांच वर्ष कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा सुनाई.

By: Preeti Rajput | Last Updated: April 29, 2026 3:44:55 PM IST



Aurangabad Court : औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) मनीष कुमार जायसवाल ने हत्या के प्रयास के एक मामले में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

पांच साल की सजा सुनाई गई

अपर लोक अभियोजक रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कासमा थाना क्षेत्र के भेवड़ी गांव निवासी रामरतन यादव, विष्णुदेव यादव, किशुनदेव यादव और महेंद्र यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत पांच वर्ष की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा, अदालत ने अभियुक्तों को अन्य धाराओं में भी दोषी पाया. सभी दोषियों को दंगा और घातक हथियार से लैस होकर हमला करने के आरोप में भी अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई. हालांकि, अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. यह मामला 22 नवंबर 2000 का है. भेवड़ी गांव निवासी प्राथमिकी सूचक जनेश्वर यादव ने कासमा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि पुरानी रंजिश के चलते अभियुक्त उनके परिवार से विवाद रखते थे.

घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया 

घटना के दिन उनका पुत्र संजय कुमार गांव के पूरब स्थित अहरा की ओर गया था. इसी दौरान अभियुक्तों ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया. हमले में संजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे. बाद में घायल संजय को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ. इस मामले में अदालत ने 22 अप्रैल 2026 को चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अंतिम फैसला सुनाया गया.

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